ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

वन विभाग ने पैंगोलिन किया रेस्क्यू, अधिकारी बोले- अफवाह की वजह से होता है शिकार

सीधी: संजय गांधी टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे सीधी जिले के नगर परिषद मझौली में बुधवार की रात लोगों को एक दुर्लभ वन्यजीव दिखा। इसे देखकर लोग हैरान रह गए। आनन-फानन में इसकी जानकारी वन अमले और संजय टाइगर रिजर्व को दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी अपनी रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचकर पैंगोलिन प्रजाति के दुर्लभ वन्य जीव को अपने कब्जे में ले लिया।अधिकारियों ने बताया कि वन परिक्षेत्र मझौली अंतर्गत नगर परिषद मझौली के वार्ड 8 में बुधवार की रात लगभग 9 बजे लोगों ने दुर्लभ जीव देखा। जिसकी सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी मझौली मनीष पांडेय को दी। सूचना पाते ही वन परिक्षेत्राधिकारी अपनी टीम के साथ पहुंचकर दुर्लभ प्रजाति के जीव को रेस्क्यू ऑपरेशन कर पकड़ा। जीव की पहचान दुर्लभ प्रजाति पैंगोलिन में की गई। जिसे संजय टाइगर रिजर्व की टीम के मदद से रात मे गडुहा बीट में सुरक्षित छोड़ा।पैंगोलिन के 8 प्रजातियों में से एक है वन्यजीववन परिक्षेत्राधिकारी मनीष पांडेय ने बताया कि ये दुर्लभ प्रजाति का जीव भारतीय पैंगोलिन है। जिसका वैज्ञानिक नाम मैनिस क्रैसिकाउडाटा है। ये पैंगोलिन प्रजाति जीव भारत, श्रीलंका और भूटान के कई मैदानी और हल्के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। जिसकी 8 प्रजातियां होती हैं, उसमें से ये एक है। पैंगोलिन प्रजाति की तरह ये भी अकेला रहना पसंद करता है। नर और मादा जीव का मिलन मात्र प्रजनन काल के समय होता है।नेत्र रोग होता है ठीक, इस अफवाह से होता है शिकाररोग निवारण की झूठी और अंधविश्वासी अफवाहों के कारण इसका अत्यधिक शिकार होता है। जिस कारण ये विलुप्त की कगार पर है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह जीव संकटग्रस्त माना जाता है। गौरतलब है कि संजय टाइगर रिजर्व में पल रहे वन जीव ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। संजय टाइगर रिजर्व मझौली, कुसमी के शहरी और ग्रामीण इलाकों से सटा हुआ है। इस कारण वन्य जीव गांवों एवं नगरों की ओर आ जाते हैं। जिसकी जानकारी मिलने पर संजय टाइगर रिजर्व का वन अमला उनका रेस्क्यू कर उन्हें पुन: जंगल में छोड़ देता है।

Related Articles

Back to top button