ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

शिवपुरी अस्पताल परिसर में चौकी के पास मिली पत्थरों के नीचे नवजात शिशु की लाश

शिवपुरी। अस्पताल परिसर में स्थित पुलिस चौकी के पास आज सुबह 4 बजे एक नवजात की लाश पत्थरों के नीचे दबी मिली हैं। अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड ने सुबह देखा की चौकी के पास पत्थर रखे है। यह किसने रख दिए उसने हटाकर देखा तो एक नवजात की लाश दिखी,सिक्योरिटी गार्ड ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस चौकी को दी। बताया जा रहा है कि नवजात शिशु लडका हैं। नवजात की लाश को फिलहाल ट्रामा सेंटर में रखवा दिया हैं। आज सुबह अस्पताल में सनसनी जब फैल गई जब अस्पताल परिसर में नवजात की लाश पुलिस चौकी के सामने पत्थरों के नीचे दबी मिली। नवजात लडका हैं था। सवाल उठने लगे कि इस नवजात किसके है और लडका होने के बाद भी इसे यहां कोई फैक गया या उसे मारने के उद्देश्य से यहां फेंका गया हैं। धीरे-धीरे इस मामला साफ होने लगा। जानकारी मिल रही है कि पोहरी विधानसभा के गोवर्धन थाना सीमा में आने वाले किशनपुर गांव में निवास रत गायत्री ओढ उम्र 35 साल पत्नी भरत ओढ को 12 अक्टूबर की दोपहर 1 बजे प्रसव पीड़ा हुई। उसे प्रसव के लिए बैराड सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने प्रसुता को देखा तो उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। बताया जा है कि बैराड़ के डॉक्टरों ने कहा था कि गायत्री के गर्भ में जुडवा बचचे है और काफी कम वजन होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। दोपहर को सरकारी एंबुलेंस से 12 अक्टूबर को बैराड से जिला अस्पताल जाते समय अस्पताल परिसर के अंदर जैसे ही एंबुलेंस घुसी गायत्री को एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव हो गया। उसने 2 लडको को जन्म दिया था। डॉक्टरों ने जब बच्चों को चैकअप किया था तो वह कम वजन के थे 1 नवजात में 1 किलो 100 ग्राम वजन था और दूसरे नवजात में 1 किलो 200 ग्राम वजन था। बच्चे कमजोर थे इस कारण दोनों नवजात को एसएनसीयू में भर्ती किया गया। जानकारी मिल रही हैं कि 13 अक्टूबर की शाम 6 बजे दोनो जुड़वा नवजात में एक एक नवजात की मौत हो गई। नवजात की दादी को अस्पताल प्रबंधन ने रात 9 बजे बच्चे को दिया,दादी नवजात को लेकर रात भर अपने पास रखी रही और सुबह 3 बजे के लगभग अस्पताल परिसर में स्थित पुलिस चौकी के कूलर स्टैंड के नीचे पत्थरों के नीचे दबा दिया। जब परिसर में मृत नवजात पत्थरों के नीचे दबे होने की सूचना मिली तो परिसर में सनसनी फैल गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button