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मुरैना: रेत माफिया का खूनी खेल, कर्तव्य की वेदी पर वन आरक्षक का बलिदान
मुरैना जिले के रानपुर क्षेत्र में रेत माफियाओं के दुस्साहस ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। अवैध चंबल रेत के काले कारोबार को रोकने के प्रयास में तैनात वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि आरक्षक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना का विवरण यह वारदात उस समय हुई जब हरकेश गुर्जर अपनी टीम के साथ अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे। एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय आरक्षक पर गाड़ी चढ़ा दी और मौके से फरार हो गया। प्रशासनिक कार्रवाई और आक्रोश पुलिस बल तैनात: घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जांच: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपियों की तलाश के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। माफिया का खौफ: स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि चंबल में रेत माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वे अब वर्दीधारियों की जान लेने से भी नहीं कतरा रहे। यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम पर प्रहार है। सवाल यह है कि क्या अब रक्षक ही माफियाओं के आगे असुरक्षित हैं?


