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मध्यप्रदेश

बादलों का डेरा बरकरार रहने से मौसम खुशगवार, जबलपुर, शहडोल, सागर में वर्षा की संभावना

भोपाल। तूफान मिचौंग अब पूरी तरह से कमजोर पड़ने के बाद वर्तमान में दक्षिणी छत्तीसगढ़ एवं उससे लगे विदर्भ पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। हरियाणा में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात है। इसके अतिरिक्त अरब सागर में भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। वर्तमान में हवा का रुख लगातार पूर्वी बना रहने के कारण बड़े पैमाने पर नमी भी आ रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन मौसम प्रणालियों के असर से पूरे प्रदेश में बादल बने हुए हैं।

इन इलाकों में बरसा पानी

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक उमरिया में 21.4, सिवनी में 20.8, मंडला में 16.1, रीवा में 12.6, जबलपुर में 11.8, छिंदवाड़ा में 10.6, सीधी में 8.6, सतना में 7.7, नरसिंहपुर में चार, मलाजखंड में 2.9,पचमढ़ी में 2.4, खजुराहो में दो, दमोह में एक, बैतूल में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। सागर में बूंदाबांदी हुई।

दिन में सिहरन

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ के आसपास चक्रवात बना रहने के कारण पूर्वी मप्र में वर्षा हुई है। गुरुवार-शुक्रवार को भी जबलपुर, शहडोल, सागर एवं रीवा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। उधर पूरे प्रदेश में बादल बने रहने के कारण दिन का तापमान सभी जिलों में सामान्य से कम बना रहेगा, लेकिन रात का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इस तरह की स्थिति अभी दो दिन तक बनी रह सकती है। उसके बाद नमी कुछ कम होने से धूप निकल सकती है, लेकिन 11 दिसंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने लगेगा। उसके प्रभाव से मप्र के मौसम में एक बार फिर बदलाव होने के आसार भी हैं।

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