ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
दिल्ली NCR

सीएम केजरीवाल की पत्नी सुनीता को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, समन पर लगी रोक

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को बड़ी राहत प्रदान की है। सुनीता केजरीवाल पर दो विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचि में अपना दर्ज कराकर कानून उल्लंघन करने के आरोप लगे हुए हैं। इस मामले में अब दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल की पत्नी को निचली अदालत से मिले समन पर सोमवार को रोक लगा दी है।

शिकायतकर्ता को नोटिस जारी
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती देने वाली सुनीता केजरीवाल की याचिका पर राज्य के साथ साथ शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया जिसमें उन्हें आरोपों के संबंध में 18 नवंबर को अदालत के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया था। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए इसे एक फरवरी को सूचीबद्ध किया और आदेश दिया, ‘‘इस फैसले से कई सवाल खड़े हो गए हैं इसलिए इसे लागू करने पर रोक रहेगी।”

सुनीता के वकील ने कोर्ट में पेश की ये दलील
उन्होंने दावा किया कि झूठी घोषणाएं करने से संबंधित अधिनियम की धारा 31 के तहत अपराध के लिए सुनीता केजरीवाल को दंडित किया जाना चाहिए। सुनीता केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील दी कि निचली अदालत का आदेश बिना सोचे समझे पारित किया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दो मतदाता पहचान पत्र रखना कोई अपराध नहीं है और इस बात के कोई सबूत नहीं है कि याचिकाकर्ता ने कोई गलत बयान दिए थे। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अरजिंदर कौर ने 29 अगस्त को याचिकाकर्ता को 18 नवंबर को तलब किया था।

Related Articles

Back to top button