ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

अमृतपाल सिंह ने समर्थकों संग जेल में शुरू की भूख हड़ताल, परिवार व वकील से ना मिलने देने का लगाया आरोप

अमृतसर। असम की डिब्रूगढ़ जेल में वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह नजरबंद है। अमृतपाल सिंह ने जेल में नौ साथियों के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरु कर दी है। अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन पारिवारिक सदस्यों व वकील से मिलने की इजाजत नहीं दे रहा है।

पत्नी किरणदीप कौर ने बताया कि वह गुरुवार को जेल में अमृतपाल से मिलने गई थीं। अमृतपाल सिंह व उसके सभी समर्थक इस दौरान भूख हड़ताल पर हैं। किरणदीप कौर ने बताया कि अमृतपाल सिंह ने भूख हड़ताल की है क्यों कि पंजाब सरकार परिवार के सदस्यों से बातचीत नहीं करने दे रही है। उनको वकीलों से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है।

श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि अमृतपाल सिंह व उसके समर्थकों को परिवार व वकीलों से ना मिलने देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। ज्ञानी रघबीर सिंह ने पंजाब सरकार व जिला प्रशासन की निंदा की है।

मेडिकल सुविधाएं ना मिलने का आरोप

ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि अमृपाल सिंह व उसके समर्थकों को जेल प्रबंधन मेडिकल सुविधाएं भी नहीं दे रहा है, जिससे उनकी स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। उन्होंने एसजीपीसी को फरमान जारी किया है कि इस मामले को मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने उठाया जाए। उन्होंने पंजाब सरकार के लिए कहा कि सरकार अमृतसर के डीसी को हिदायत दें कि वह अमृतपाल व उसके समर्थकों की मुलाकात परिवार व वकीलों से होने दें, जिससे मानवाधिकारों का उल्लंघन ना हो सके।

Related Articles

Back to top button