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मध्यप्रदेश

सात बस्तियों के साढ़े सात सौ लोगों ने राहत कैंपों में बिताई रात

बुरहानपुर। सूर्यपुत्री मां ताप्ती के रौद्र रूप में आने के कारण नदी के तट वाली सात बस्तियों के डेढ़ सौ घरों में रहने वाले करीब साढ़े सात सौ लोगों शनिवार की रात राहत कैंपों में बितानी पड़ी।

दस राहत कैंप बनाए गए

कलेक्टर भव्या मित्तल और निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव के निर्देश पर विभिन्न स्कूलों, सामाजिक भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दस राहत कैंप बनाए गए हैं। इनमें भोजन और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी कराई गई है। रविवार को बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोगों ने अपने घरों की सफाई कर रहने योग्य बनाया। कुछ परिवार देर शाम तक घरों में लौट गए, जबकि कई परिवार अब भी राहत कैंपों में शरण लिए हुए हैं।

जनप्रतिन‍िध‍ि और अधिकारी पहुंचे

इस बीच रविवार को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, महापौर माधुरी पटेल और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ सीइओ जिला पंचायत सृष्टि देशमुख व अन्य अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

अधिकांश मार्गों में आवागमन शुरू

उन्होंने प्रभावित परिवारों को ढाढस बंधाते हुए कहा कि वे चिंता नहीं करें। प्रदेश सरकार उनकी नुकसानी की पूरी भरपाई करेगी। रविवार सुबह से नगर निगम की टीम ने सभी घाटों में बाढ़ के कारण जमा हुई गल को साफ किया। जिसके बाद अधिकांश मार्गों में आवागमन शुरू हो पाया। रविवार दोपहर तक ताप्ती का जलस्तर सामान्य हो गया था और जैनाबाद पुल से आवागमन शुरू हो गया था। हालांकि एहतियात के तौर पर अब भी पुलिस व होमगार्ड के जवान पहरा दे रहे हैं।

पक्के आवासों के कारण बची जान

ताप्ती राजघाट, सतियारा घाट, खातू घाट आदि के पास रहने वाले लोगों ने सांसद व महापौर से चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पहले कच्चे मकान होने पर बरसात और बाढ़ के समय बड़ा नुकसान होता था। कई बार जान तक गवांनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बन जाने से इस बार ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। साथ ही किसी तरह की जनहानि भी नहीं हुई।

गृहस्थी के सामान का नुकसान

लोगों ने बताया कि गृहस्थी के सामान का नुकसान हुआ है। सांसद ने जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितों के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शनिवार रात 1:30 बजे ही मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। दौरान पूर्व महापौर अतुल पटेल, अनिल भोंसले, सांसद प्रतिनिधि हीरालाल बडगूजर, मनोज टंडन, पार्षद भारत इंगले, अशोक महाजन, अजय उदासीन, तहसीलदार रामलाल पगारे आदि मौजूद रहे।

ताप्ती मैया की पूजाअर्चना की

शनिवार शाम भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, महापौर माधुरी पटेल ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ताप्ती व उतावली नदी में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की थी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ ताप्ती मैया की पूजा अर्चना कर शांत होने की प्रार्थना की थी। इसके बाद से ही मां ताप्ती ने अपना विस्तार कम करना शुरू कर दिया था।

रात बारह बजे तक काफी हद तक पानी उतर चुका था। चिटनिस ने सतियारा घाट, राजघाट, खातू घाट सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित सहायता के लिए कहा था। साथ ही प्रशासन द्वारा स्थापित 10 पुनर्वास केंद्रों में पहुंच कर वहां शरण लेने वाले लोगों के रहने, भोजन आदि व्यवस्था की जानकारी ली थी। चिटनिस ने कहा कि जिन घरों को नुकसान पहुंचा है उन्हें आरबीसी के अंतर्गत मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे।

घाटों पर पूरे समय तैनात रहीं पुलिस व होमगार्ड की रेस्क्यू टीमें

ताप्ती नदी का जल स्तर बढ़ने से शहर में बने बाढ़ के हालात को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार ने सभी घाटों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के पुलों के आसपास पुलिस बल तैनात किया था। पुलिस कर्मियों ने ताप्ती तट में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर निकाला और राहत कैंपों में पहुंचाया। शहर के नागझिरी घाट, राजघाट, खातू घाट, हतनूर पुल, जैनाबाद पुल, सतियारा घाट, पीपल घाट आदि में पुलिस टीमें पूरे समय तैनात रहीं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी थाना प्रभारी बाढ़ ग्रस्त इलाकों में मौजूद रहे। इसके अलावा नेपानगर, खकनार, शाहपुर, निंबोला थाना क्षेत्रों में भी पुलिस टीमें नदी नालों के पुल, रपटों आदि के पास तैनात रहीं। बेरिकेडिंग कर लोगों और वाहनों को आवाजाही करने से रोका गया।

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