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कुंडली में चंद्रमा कमजोर है तो हो सकती है ये बीमारियां, जानें क्या है उपाय

हिंदू ज्योतिष शास्त्र चंद्रमा का मन का कारक ग्रह माना गया है। यह संवेदनशील लोगों का अधिष्ठाता ग्रह है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर होती है तो वह व्यक्ति मन से बेहद कमजोर हो सकता है और अत्यधिक भावुकता में फैसले लेता है। पंडित आशीष शर्मा के मुताबिक, चंद्र दोष होने पर लोगों को कुछ बीमारियां लगातार बनी रहती है। ज्योतिष में इस बीमारियों से निजात पाने के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं।

चंद्रमा कमजोर पर पर ये बीमारियां

पंडित आशीष शर्मा के मुताबिक, चंद्रमा के कमजोर होने पर जातक मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है और भावनाओं में बहकर गलत फैसले लेने लगता है। मानसिक बीमारियों से भी परेशान हो सकता है। ऐसे लोगों को नींद न आना, अस्थमा, जुकाम, सर्दी जैसी बीमारियां लगातार बनी रहती है।

चंद्र शांति के लिए करें ये उपाय

चंद्रमा ग्रह की अनुकूलता के लिए चंद्रमा के वैदिक मंत्र का 11000 जप करना चाहिए। इसके अलावा इस मंत्र के साथ शाम के समय दूध से चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए।

इस मंत्र का जाप करें

वैदिक मंत्र

  • ओम इमं देवा असपलग्वं सुबध्वं महते क्षत्रय महते ज्येष्ठयाय महते जानराज्यायेन्द्रस्येन्द्रियाय। इमममुष्य पुत्रमनुष्यै पुत्र मस्यै विशएष वोऽमी राजा सोमेऽस्माकं ब्रह्मणानाग्वं राजा॥

तांत्रिक मंत्र

  • ओम श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
  • ऊँ सों सोमाय नमः

सोमवार को करें व्रत

चंद्रमा की शांति के लिए जातक को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से व्रत प्रारंभ करना चाहिए। कम से कम 10 सोमवार और अधिक से अधिक 54 सोमवार तक व्रत करना चाहिए।

इन चीजों का करें दान

सोमवार को मोती, चांदी, चावल, मिसरी, हल्दी, सफेद कपड़ा, दक्षिणा, सफेद फूल, शंख, कपूर, श्वेत बैल, श्वेत चंदन आदि का दान करने से कुंडली से चंद्र दोष शांत हो जाता है। इसके अलावा सोमवार को सुबह श्वेत आक की जड़ की मिट्टी खोदकर गंगा जल से धो लें और श्वेत वस्त्र में सीकर सीधे हाथ में धारण करना चाहिए।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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