ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

रतलाम विधायक के मांग पत्र पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश, विकसित कॉलोनियों में विकास कार्यों के बनाए जाए प्रस्ताव

रतलाम: रतलाम की अविकसित कॉलोनियों में विकास कार्यों को लेकर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्रसिंह ने विभाग के अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। रतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप द्वारा मंत्री जी से मिलकर इस संबंध में मांग पत्र प्रस्तुत किया गया था। उसके बाद नगरीय विकास एवं आवास श्री भूपेंद्र सिंह इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इससे आने वाले दिनों में रतलाम की विकसित कॉलोनियों में भी विकास कार्यों की शुरुआत हो सकेगी। वहीं, शहर की 57 अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण की कार्रवाई भी आरंभ की गई है।दरअसल बीते दिनों रतलाम शहर विधायक चैतन्य काश्यप ने रतलाम की अविकसित कॉलोनियों को भी अवैध कॉलोनी मानकर इन कॉलोनियों में अवैध कॉलोनी के नियम लागू करने और विकास कार्य करवाने की स्वीकृति देने की मांग मंत्री जी से की थी । रतलाम नगर में लगभग 58 अविकसित कॉलोनियां है। इन कॉलोनियोें में करीब 11 से 12 हजार परिवार रहते हैं। जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है । जिसे लेकर रतलाम विधायक के मांग पत्र के बाद नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अधिकारियों से इस संबंध में प्राथमिकता के आधार पर नीतिगत निर्णय लेने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए है। इससे अवैध कालोनियों के साथ अविकसित कालोनियों में निवासरत हजारों परिवारों को मूलभूत सुविधाएं मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

Related Articles

Back to top button