अभिभाषक वेलफेयर समिति द्वारा बेचे गए अधिवक्ता कल्याण निधि के टिकट को लेकर अभिभाषक आमने-सामने
इंदौर। अभिभाषक वेलफेयर समिति द्वारा इंदौर अभिभाषक संघ कार्यालय से बेचे जा रहे अधिवक्ता कल्याण निधि के टिकट को लेकर अभिभाषक आमने-सामने हो गए हैं। इंदौर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गोपाल कचोलिया ने इस संबंध में संघ के सदस्यों के नाम पत्र लिखा है।
इसमें कहा है कि समिति ने अपने गठन के बाद से अब तक बेचे गए अधिवक्ता कल्याण निधि के टिकटों पर जो भी अतिरिक्त राशि वकीलों से ली है और इन टिकटों को बेचने से जो भी कमिशन कमेटी को मिला है उस राशि का अधिवक्ताओं के हित में उपयोग करते हुए सदस्यों का सामूहिक बीमा करवाया जाए।
पत्र में कचोलिया ने कहा है कि अभिभाषक वेलफेयर समिति द्वारा अधिवक्ता कल्याण निधि का 40 रुपये का टिकट 70 रुपये में बेचा जा रहा था। प्रत्येक टिकट पर अभिभाषक वेलफेयर समिति द्वारा 30 रुपये वेलफेयर राशि के रूप में लिए जा रहे थे। तदर्थ समिति के कार्यकाल में हुई विशेष साधारण सभा के निर्णय का हवाला देकर इंदौर अभिभाषक संघ के कुछ सदस्य द्वारा मनमाने तरीके से अधिवक्ता कल्याण निधि के टिकट पर मिलने वाली 10 प्रतिशत कमिशन की राशि और वेलफेयर राशि के रूप में लिए जा रहे अतिरिक्त 30 रुपये इंदौर अभिभाषक संघ के बैंक खाते में जमा करवाने के बजाय अभिभाषक वेलफेयर समिति के खाते में जमा करवाई जा रही थी।
अभिभाषक वेलफेयर समिति द्वारा अधिवक्ता कल्याण निधि के टिकट 40 के बजाय 70 रुपये में बेचे जाने की वजह से जिला न्यायालय परिसर में स्टाम्प वेंडरों ने भी इन टिकटों को 40 रुपये के बजाय 50 रुपये में बेचना शुरू कर दिया था। पत्र में कहा है कि अभिभाषक वेलफेयर समिति द्वारा अभिभाषकों से वसूली गई धनराशि इंदौर अभिभाषक संघ के बैंक खाते में जमा करवाई जाए। इस राशि का उपयोग इंदौर अभिभाषक संघ के सदस्यों के कल्याणार्थ किया जाए।




