मध्यप्रदेश
पूरी हुई दशकों की आस पुलिसकर्मियों को पहली बार मिला साप्ताहिक अवकाश
इंदौ। पुलिस महकमे को जिस साप्ताहिक अवकाश की आस दशकों से थी, वह सोमवार से आरंभ हो गया है। भले ही यह सरकार द्वारा चुनावी वर्ष में लिया गया निर्णय हो, किंतु इससे काम के बोझ से त्रस्त और तनावग्रस्त पुलिस को बड़ी राहत मिल रही है। यह निर्णय केवल पुलिस को ही खुश नहीं करेगा, बल्कि संवेदनशील ह्रदय रखने वाले प्रत्येक आम व्यक्ति को रास आ रहा है। पुलिसकर्मियों के बीच इस निर्णय से खुशी की लहर है।
सोमवार को जिन-जिन पुलिसकर्मियों को पहला साप्ताहिक अवकाश मिला, उनमें से अधिकांश ने इसका भरपूर फायदा उठाया। कुछ पुलिसकर्मी परिवार के साथ पर्यटक स्थलों पर घूमने गए, तो कुछ ने परिवार के साथ घर पर ही दिन बिताया। कुछ पुलिसकर्मी तो ऐसे भी थे, जो सोमवार को जब ड्यूटी पर जा रहे थे, तब उनके पास थाने से फोन आया और उनसे कहा गया कि आज आपका साप्ताहिक अवकाश है। इसके बाद वे खुद की खुशी रोक नहीं पाए। परिवार को जब इस बारे में बताया तो उन्हें भी राहत मिली। परिवारवालों का कहना था कि अब कम से कम एक दिन तो परिवार के साथ बिता पाएंगे। कुछ पुलिसकर्मी तो ऐसे भी हैं, जिन्हें ड्यूटी करते हुए 30 साल से अधिक समय हो गया, लेकिन कभी साप्ताहिक अवकाश नहीं मिला। बता दें कि लंबे समय से साप्ताहिक अवकाश की मांग पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही थी। इसके बाद अब सरकार ने इस पर मुहर लगाई है।
720 पुलिसकर्मियों ने मनाया साप्ताहिक अवकाश
सोमवार को इंदौर नगरीय और देहात क्षेत्र के 720 पुलिसकर्मियों ने साप्ताहिक अवकाश मनाया है। पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी होने के बाद पहली बार बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को सप्ताह का अवकाश स्वीकृत किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, नगरीय सीमा में करीब 650 पुलिसकर्मी को साप्ताहिक अवकाश दिया गया। उपलब्ध बल के आधार पर चारों जोन के डीसीपी ने रोस्टर तैयार किया था, जिसमें तय किया कि रविवार को रात्रि गश्त करने वाले पुलिसकर्मी-अधिकारी को सोमवार को अवकाश दिया जाएगा। अवकाश लेने वालों में 260 पुलिसकर्मी थानों पर पदस्थ हैं। ट्रैफिक और पुलिस लाइन के रोस्टर को मिलाकर 650 पुलिसकर्मी रहे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी सोमवार को करीब 70 पुलिसकर्मियों को छुट्टी स्वीकृत की गई है।
बेटे के जन्मदिन पर पातालपानी पहुंचे
अन्नपूर्णा थाने के प्रधान आरक्षक वीर तोमर के लिए सोमवार का साप्ताहिक अवकाश बहुत खास रहा। संयोग से इसी दिन उनके 13 वर्षीय बेटे का जन्मदिन था। अवकाश मिलते ही वे जन्मदिन मनाने परिवार के साथ पातालपानी निकल गए। बेटे को भी इस बात की खुशी रही कि वह अपने पिता के साथ जन्मदिन मना सका। वीर तोमर ने बताया कि बड़ी खुशी की बात है कि अब हमें भी साप्ताहिक अवकाश मिलने लगा है। अब एक दिन हम परिवार के साथ बिता पाएंगे।
परिवार के साथ घर पर ही बिताया दिन
छत्रीपुरा थाने के सब इंस्पेक्टर बृजेश पाठक ने अपना साप्ताहिक अवकाश परिवार के साथ मनाया। उन्होंने बताया कि रविवार को रात 11 बजे तक ड्यूटी की। इसके बाद सोमवार को घर से ड्यूटी के लिए निकल रहे थे, तभी फोन आया कि साप्ताहिक अवकाश है। यह सुनकर तुरंत तैयारी की और परिवार के साथ घूमने निकल गए। पाठक कहते हैं, इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता, लेकिन यह यादगार दिन रहेगा। वर्ष 1987 से पुलिस विभाग में कार्य कर रहा हूं, लेकिन अब जाकर पहला साप्ताहिक अवकाश मिला।
छह साल में पहली बार मिला अवकाश
द्वारकापुरी थाने के सब इंस्पेक्टर सपना डोडिया ने बताया कि आज का दिन काफी अच्छा रहा। छह साल में पहली बार साप्ताहिक अवकाश मिला है। परिवार तो बाहर रहता है, इसलिए उनके साथ तो समय नहीं बिता पाई, लेकिन रोजाना दौड़-भाग से आज थोड़ा आराम मिल सका, इसलिए रेस्टोरेंट जाकर खुद को पार्टी दी। यह पूरे पुलिस विभाग के लिए खुशी की बात है कि अब हमें अवकाश मिलने लगा है। यह एक दिन तो हम अपने साथ बिता सकेंगे।
बच्चों के साथ बिताया दिन
छत्रीपुरा थाने के आरक्षक राकेश गुजराती ने अपना साप्ताहिक अवकाश पत्नी और बच्चों के साथ मनाया। घूमने जाने के बारे में सोचा, लेकिन बच्चों के स्कूल जाने के कारण बाद में जाना तय हुआ। रविवार को नाइट ड्यूटी की थकान सोमवार को बेहतर नींद के साथ दूर हो सकी। राकेश ने बताया कि बच्चों के स्कूल से आने के बाद उनके साथ अच्छा वक्त बिता सका। सभी लोग साथ में समय बिता सके। यह साप्ताहिक अवकाश पुलिस परिवारों के लिए खुशियां लेकर आया है।




