ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

मुरैना: बुआ की जमीन बंटवारे को लेकर सगे दो परिवार में चली गोलियां एक की मौत।

मुरैना में जमीनी विवाद में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। जमीनी विवाद एक ही परिवार के चाचा ताऊ के लड़कों में था। जमीन एक महिला की थी जो दोनों पक्षों की बुआ लगती थी। एक पक्ष यह चाहता था की जमीन का बटवारा हो जबकि दूसरा पक्ष यह चाहता था कि बुजुर्ग महिला लंबे समय से उनके पास रह रही हैं, लिहाजा उसकी जमीन के वास्तविक हकदार वही है। इस बात को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था जिसकी रिपोर्ट सराय छोला थाने में की गई थी। घटना सोमवार की रात 8:00 बजे की है मृगपुरा गांव में एक ही परिवार के चाचा ताऊ के दो अलग-अलग परिवार रहते है। दोनों परिवार की रिश्ते में लगने वाली एक बुजुर्ग महिला जिनके बच्चे नहीं है, वह रमेश परमार के साथ रहती थी। रमेश परमार उम्र 45 वर्ष की शादी नहीं हुई थी। उसके दो बड़े भाई हैं जिनके नाम सुग्रीव व अन्य है, उनके बीवी बच्चे हैं। दूसरा परिवार राधेश्याम परमार का है जिसके भरा पूरा परिवार है। इन दोनों के बीच बुआ की उस 4 बीघे जमीन के पीछे झगड़ा होता रहता था। लगभग 3 माह पहले भी दोनों के बीच लड़ाई हुई थी जिसकी रिपोर्ट सराय छोला थाना पुलिस ने दर्ज की थी। सोमवार को मृतक रमेश परमार अपने मकान के पीछे खेतों में शौच के लिए गया हुआ था। उसी दौरान राधेश्याम परमार व उसके साथियों ने उसकी पीठ में गोली मार दी। गोली लगने के कुछ देर तक वह तड़पा तथा उसके बाद उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि रमेश परमार के बड़े भाइयों ने जब घटना को देखा तो उन्होंने भी बंदूक से फायर किए जिसके छर्रे राधेश्याम परमार के पैर में लगे हैं। मृतक रमेश परमार के दोनों बड़े भाइयों ने उनके भाई को गोली मारने वाले आरोपियों में जिन लोगों के नाम लिखवाए हैं उनमें रमेश, उदयवीर, बंटी, राधेलाल तथा दो अन्य शामिल हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और इसमें आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button