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मध्यप्रदेश

तेंदूपत्ता श्रमिकों को नक्सलियों से सुरक्षा दे रहे जवान हो रहे बीमार 10 से अधिक जवान भर्ती

बालाघाट। मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में तेंदूपत्ता तुड़ाई के कार्य के दौरान अक्सर ही नक्सली श्रमिक, मुंशी व ठेकेदारों को डराने-धमकाने कार्य करते है। नक्सलियों की इस कायराना हरकत को रोकने के लिए इस वर्ष पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के मार्गदर्शन में अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेंदूपत्ता श्रमिकों को पुलिस के जवानों के द्वारा तेंदूपत्ता तुड़ाई कार्य के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। घने जंगल में ये जवान 24 घंटे श्रमिकों को सुरक्षा मुहैया कराने के साथ ही नक्सली उन्मूलन के लिए सर्चिंग भी कर रहे है। ऐसे में इन जवानों को जंगल में ही रात गुजारना पड़ रहा है। जिससे ये जवान मच्छरों के काटने से मलेरिया बीमारी से ग्रसित हो रहे है। लगभग 10 से अधिक जवान बीमार हो कर अस्पताल में भर्ती हैं। बता दें कि बालाघाट जिले में 90 प्रतिशत तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ही किया जाता है। जिसपर व्यवधान न हो और नक्सलियोंं के मूवमेंट को अंकुश लगाने के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान कर रही है।

लांजी के सुलसुली चौकी के जवान हाे रहे मलेरिया से पीडि़त

मिली जानकारी के अनुसार नक्सल प्रभावित लांजी थाना क्षेत्र अंतर्गत सुलसुली चौकी में तैनात सीआरपीएफ के जवान मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का निवर्हन तो कर रहे है, लेकिन वे लगातार जंगल में रहने व मच्छरों के काटने से मलेरिया बीमारी से ग्रसित हो रहे है। ऐसे ही दस से अधिक जवानों की तबियत खराब होने पर जांच किए जाने पर मलेरिया से पीडि़त होने पर उन्हें जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया है। यहां इन जवानों को बेहतर व त्वरित उपचार दिए जाने के लिए कोविड आईसीयू वार्ड में भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है।

इन जवानों को कराया गया भर्ती

सुलसुली चौकी के सीआरपीएफ के जवान ब्रिजेन्द्र सिंह तोमर, वकील चंद, शिशुपाल सिंग, शैलेन्द्र सिंह, लालचंद, विजय सिंग, लेट गोरख, आशीष त्रिपाठी, जयदीप सिंग,सुरेन्द्र बोमरे व मनोज सिंह को मलेरिया पाजिटिव मिलने पर जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। जवानों ने बताया कि उनके पास सुरक्षा के संसाधन तो मौजूद है, लेकिन घने जंगल में मच्छर अधिक होने के चलते यह समस्या उत्पन्न हो रही है।

इनका कहना है.

लांजी थाना क्षेत्र से पुलिस के जवान की तबियत खराब होने पर जिला अस्पताल लाया गया। यहां उनकी जांच करने पर मलेरिया पाजिटिव मिलने पर उन्हें बेहतर उपचार करने के लिए कोविड आईसीयू वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। जवानों की नियमित देखरेख की जा रही है। उनकी स्थिति में सुधार है।-डा. संजय धबड़गांव, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

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