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मध्यप्रदेश

पुलिस कमिश्नरी में पहला आइएसओ थाना बना मिसरोद

भोपाल। मिसरोद पुलिस थाने के जर्जर भवन को नया रूप देने के साथ ही परिसर का कायाकल्प कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नरी का यह पुराना थाना भवन ही ऐसा है, जिसका पूरी तरह जीर्णोद्धार कर कलात्मक रूप से आकर्षण का केंद्र बना दिया गया है। जनसहयोग से बदली थाने की सूरत को देख अब इसे आइएसओ प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। शुक्रवार को इसके लिए समारोह का आयोजन रखा गया।

हम बता दें कि पिछले वर्ष पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अनुदान से थाना प्रभारी मिसरोद रासबिहारी शर्मा ने विशेष प्रयास किए और थाने के जीर्णोद्धार पर कार्य किया गया। पुराने रिकार्ड को नष्ट किया गया तथा थाने के सुंदरीकरण तथा जनोन्मुखी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। थाने मे सुधार लाने की इस प्रक्रिया मे पुलिस उपायुक्त श्रद्धा तिवारी और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश भदौरिया की विशेष भूमिका रही।

पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने थाने पर लाए गए, जनोन्मुखी सेवाओं की एक-एक व्यवस्था को देखा तथा इसकी सराहना की और कहा कि यहां पर आने वाली जनता को बेहतर सेवा प्रदान करने में थाना सक्षम हो और थाने की कार्रवाई में प्रभावी व्यावसायिक दक्षता आ पाएगी। उन्होने आशा व्यक्त की कि आगामी दिनो मे भोपाल कमिश्नरेट के अन्य थानों को भी इसी प्रकार से जीर्णोद्धार किया जाएगा और प्रयास किए जाएगे कि उन्हे भी आइएसओ का प्रमाण प्राप्त हो सके।

पुलिस थाने को इसलिए मिलता है आइएसओ प्रमाण पत्र

पुलिस का काम भी सेवा की तरह ही है। इसमें जनता को सुरक्षा के रुप में सेवा दी जाती है। पुलिस भी लोगों का काम करती है और पुलिस लोगों के लिए फंक्शन करती है। वैसे पुलिस को ये प्रमाण पत्र पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, पुलिसकर्मियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए और नागरिकों की सेवा में सुधार के लिए दिया जाता है। यह एक तरह का आदर्श थाना होता है। लोगों के लिए रिसेप्शन काउंटर भी बनाया जाता है। यह तरह से बैंक या कंपनी की तरह से काम कर सकते हैं। लोगों की आसानी के लिए यह सुविधाएं जुटाई जाती हैं।

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