ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

बड़वानी जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़

बड़वानी ।   मध्य प्रदेश में आज से सरकारी डाक्टरों की हड़ताल शुरू हो गई है। बड़वानी जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है। मरीजों के लिए प्रशासन और सीएमएचओ ने आयुष सहित अन्य डाक्टरों की सेवाएं ले रहे हैं। बुधवार सुबह बड़वानी कलेक्टर डा. राहुल फटिंग जिला अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सहित सभी मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो सीएमएचओ प्राइवेट डाक्टरों से भी मदद लेंगे।

कल दो घंटे में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, मरीज होते रहे परेशान

मंगलवार सुबह जब मरीज बड़वानी जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे तो पंजीयन के लिए कतार में लगे, लेकिन पंजीयन के बाद चिकित्सकों की तलाश करते नजर आए। दो कमरों और एक हाल में संचालित होने वाली ओपीडी के विभिन्न केबिन में एक भी चिकित्सक नजर नहीं आया। ऐसे में कई मरीज व उनके स्वजन परेशान होकर लौट गए, तो कई ओपीडी के सामने बने पूछताछ केंद्र पर जानकारी लेते नजर आए। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली ओपीडी की शिफ्ट में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमराती नजर आई। दरअसल शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ के तत्वावधान में जिला अस्पताल के सभी करीब 55 चिकित्सक विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पर उतरे हैं।

मंगलवार को सांकेतिक रूप से दो घंटे करी थी हड़ताल

इसके तहत मंगलवार को सांकेतिक रूप से दो घंटे काम बंद हड़ताल की। हालांकि इसका असर सुबह की शिफ्ट में नजर आया। इसके चलते मरीज और उनके परिजन खासे परेशान हुए। वैसे जिला अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिनों की तरह सुबह निर्धारित समय पर खुली। लोग पहुंचे और पंजीयन पर्ची बनवाने कतार में लगे, लेकिन पर्ची बनाने के बाद डाक्टरों को चेकअप नहीं करवा पाए। वहीं अधिक बीमार और तकलीफ वाले मरीज इमरजेंसी केंद्र में चिकित्सक को तलाश करते नजर आए, लेकिन वहां भी कोई नजर नहीं आया। जिला अस्पताल के मुख्य गेट सहित नैत्र ओपीडी, इमरजेंसी ओपीडी, मुख्य ओपीडी व अन्य स्थानों पर चिकित्सक महासंघ की हड़ताल के बैनर लगाए गए थे।

मंगलवार को भी होता रहा ओपीडी पंजीयन

चिकित्सकों की सांकेतिक हड़ताल के बावजूद जिला अस्पताल में ओपीडी पंजीयन जारी रहा। लोग पर्ची बनवाकर, तो कई लोग हड़ताल की सूचना पाकर बिना पंजीयन के भी लौट गए। इस दौरान सुबह से शाम तक 400 से अधिक मरीजों के पंजीयन हुए। हालांकि चिकित्सकों की हड़ताल सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक चली। इसके बाद कई चिकित्सक निर्धारित ओपीडी समय दो बजे तक बैठे, जिनको कई मरीजों ने अपनी स्वास्थ्य परेशानियां बताई। वहीं शाम की शिफ्ट 5 से 6 बजे तक काम सुचारू रहा।

लेबोरेटरी में छाया सन्नाटा

लैब सहित अन्य यूनिटों में पसरा सन्नाटा-जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक पंजीयन होते है। ऐसे में सुबह की शिफ्ट में मरीजों द्वारा ब्लड सैंपल की जांच सहित एक्सरे व अन्य जांच के लिए संबंधित लैब पहुंचते है। मंगलवार सुबह दो घंटे चिकित्सकों की हड़ताल के चलते दोपहर तक मुख्य रुप से लेबोरेटरी में सन्नाटा पसरा नजर आया।

Related Articles

Back to top button