ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

नहीं हुई कोरोना वैरिएंट की जांच शुरू, बढने लगे मरीज

भोपाल । प्रदेश के इंदौर शहर में कोरोना की जांच तो हो रही है लेकिन वैरिएंट का पता लगाने के लिए सैंपल अब भी भोपाल और अन्य शहरों को भेजना पड़ रहे हैं। उधर जांच नहीं होने कोराना वायरस संक्रमण एक बार फिर बढने लगा है। इंदौर शहर में करीब डेढ दर्जन मरीज कोरोना के पाए गए हैं। ऐसा नहीं है कि इंदौर के किसी सरकारी अस्पताल में वैरिएंट के जांच के लिए मशीन नहीं है। मशीन तो चार माह पहले ही इंदौर पहुंच चुकी है लेकिन इसे अब भी अपने औपचारिक उद्घाटन का इंतजार है। मशीन स्थापित भी हो गई और संचालन के लिए डाक्टरों की ट्रेनिंग पूरी हो गई लेकिन रिएजेंट नहीं होने से जांच शुरू नहीं हो पा रही। किसी भी वायरस के अलग-अलग वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन की मदद ली जाती है। इंदौर के किसी भी सरकारी संस्थान में यह मशीन उपलब्ध नहीं थी। विश्व स्वास्थ संगठन के प्रयास से इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज को यह मशीन उपलब्ध हुई। मशीन नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ही इंदौर पहुंच चुकी थी, लेकिन लंबे समय तक इसे स्थापित नहीं किया जा सका। दरअसल एनसीडीसी की टीम ने करीब दो माह पहले मशीन स्थापित कर दी थी लेकिन डाक्टरों की ट्रेनिंग नहीं हो पाने की वजह से मशीन शुरू नहीं हो सकी। बाद में मेडिकल कालेज ने इंदौर से चार डाक्टरों को ट्रेनिंग के लिए भेजा। अब डाक्टर की ट्रेनिंग के बाद मेडिकल कालेज इस मशीन को चलाने के लिए रिएजेंट की रास्ता देख रहा है। मेडिकल कालेज प्रबंधन का कहना है कि रिएजेंट मिलते ही हम जांच शुरू कर देंगे। इस बारे में एमजीएम मेडिकल कालेज इंदौर के डीन डा. संजय दीक्षित का कहना है कि हमने एनसीडीसी को पत्र लिखकर रिएजेंट उपलब्ध कराने के लिए कहा है। रिएजेंट मिलते ही हम वैरिएंट की जांच इंदौर में शुरू कर देंगे।

Related Articles

Back to top button