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पेयजल, सीवरेज लाइन का प्रोजेक्ट अफसरों ने किया होल्ड निजी कंपनी को केंद्र करेगी हायर, जो तैयार करेगी डिजाइन

फतेहाबाद: वार्ड 15, 16, 17 का अमरुत योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग ने भेजा था उच्च अधिकारियों को प्रोजेक्टशहरी सीमा में शामिल हुए वार्ड 15, 16 व 17 के लोगों को पेयजल व सीवरेज लाइन की सुविधा के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से अमरूत योजना के तहत इन तीन वार्डों में विकास कार्य करवाने को लेकर मुख्यालय भेजी प्रोजेक्ट फाइल पर अधिकारियों लिखा है कि इस प्रोजेक्ट पर विभाग अपने स्तर पर कुछ नहीं कर सकता है।इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत निजी कंपनी ही सीवरेज प्लांट व जलघर बनाने को लेकर डिजाइन तैयार के लिए काम करेगी। ऐसे में प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने में 3 से 4 महीने ओर लग सकते हैं। जबकि वार्ड के पार्षद विकास कार्य न होने को लेकर कई बार रोष जता चुके हैं, धरने तक की चेतावनी भी दे चुके हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार की प्रक्रिया के तहत इंतजार करना पड़ेगा।गलियों में बह रहा गंदा पानीबता दें कि स्वामी नगर, हरनाम कॉलोनी, हंस कॉलोनी में सीवरेज का गंदा पानी नालियों में बह रहा है और नालियों का गंदा पानी गलियों में व खाली पड़े प्लाटों में जा रहा है। इस कारण समस्या यह पैदा हो गई है कि कॉलोनियों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।विधायक ने दिया था आश्वासनबता दें कि बीते दिनों स्वामी नगर व हंस कॉलोनी के पार्षदों ने सीवरेज की समस्या को लेकर धरना देने की चेतावनी दी थी जिस पर विधायक दुड़ाराम ने नप अधिकारियों व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तलब किया था। इस दौरान पार्षदों को विधायक ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही उनकी कॉलोनियों में विकास कार्य शुरु होंगे, लेकिन अभी फाइल अटकती नजर आ रही है।सीवरेज प्लांट, जलघर बनाने के लिए भी नहीं मिल रही जगहजनस्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 महीने इस प्रोजेक्ट की फाइल को मुख्यालय भेजा गया था। विभाग द्वारा स्वामी नगर, हंस कॉलोनी व हरनाम कॉलोनी पार्षदों से सीवरेज के पानी की निकासी व पीने के पानी की सप्लाई के लिए सीवरेज और जलघर बनाने के लिए जगह मांगी थी, लेकिन हंस कॉलोनी में जो जगह मिली। वह सोसायटी की थी जिसे सोसायटी वालों ने देने से मना कर दिया। वहीं स्वामी नगर में पुराने टयूबवेल की जगह दी गई। जहां पर सिर्फ पीने के पानी का बुस्टिंग स्टेशन बन सकता है, सीवरेज प्लांट नहीं बनाया जा सकता क्योंकि जगह कम है।जानिए… सीवरेज लाइन डालने से पहले गलियों को बनना भी हुआ मुश्किलसीवरेज लाइन डालने का कार्य अभी अटका हुआ है और सीवरेज लाइन डालने से पहले नप गलियां भी नई नहीं बना सकती है क्योंकि गली बनाई तो सीवरेज लाइन डालने के दौरान गली को दोबारा उखाड़ना पड़ सकता है। इसी के चलते नप भी नई कॉलोनियों में विकास कार्य नहीं करवा पा रही है।निजी कंपनी करेगी काम : जेईनई कॉलोनियों में कार्य कराने को प्रोजेक्ट व एस्टीमेट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा था, लेकिन उच्च अधिकारियों से जवाब मिला है कि केंद्र सरकार निजी कंपनी को खुद हायर कर विकास कार्य का प्रोजेक्ट तैयार करेगी , इसके अलावा कॉलोनियों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जगह ही नहीं मिल रही है।”-बलविंद्र, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।विधायक से बात करेंगे पार्षदअगर 31 मार्च तक हमारी कॉलोनियों में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य शुरू नहीं होता है तो वह वार्डवासियों के साथ मिलकर आगामी रणनीति तैयार करेंगे, क्योंकि उनके वार्ड में सीवरेज के पानी की निकासी न होने के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है, इस बारे विधायक से दोबारा बात की जाएगी।”-हंसराज, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 15नहीं मिली जगह : रुखायाहंस कॉलोनी में बुस्टिंग स्टेशन व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए एक जगह मिली थी जो सोसायटी की थी, अब विभाग ने महिला कॉलेज के अंदर की जगह तय की है, फिलहाल कॉलेज प्रशासन से जनस्वास्थ्य विभाग की बातचीत जारी है।”-संजय रुखाया, पार्षद, वार्ड 17

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