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मध्यप्रदेश

कडे पेड़ों की जब्ती के लिए वन विभाग की टीम पहुंची थी, तभी हथियार लेकर आ गए

बुरहानपुर: नावरा रेंज की सांईखेड़ा बीट में रविवार को वन विभाग की टीम वहां काटे गए जंगल की लकड़ियां जब्त करने पहुंची लेकिन इसी बीच अतिक्रमणकारी आ धमके और टीम को लकड़ियां नहीं ले जाने दी। विवाद की स्थिति निर्मित होने पर टीम वहां से लौट आई, लेकिन इसके बाद अतिक्रमणकारियों ने पेड़ों, झाड़ियों में आग लगा दी। दूर-दूर तक इसका धुआं उठता हुआ दिखाई दिया।दरअसल, सांईखेड़ा बीट में बड़े पैमाने पर वन कटाई की गई है। अब वन विभाग कटे हुए पेड़ों को अपनी अभिरक्षा में लेना चाहता है, लेकिन अतिक्रमणकारी ऐसा नहीं करने दे रहे हैं।300 से 350 की संख्या में जमा हो गए अतिक्रमणकारीनावरा रेंजर पुष्पेंद्र जादौन के अनुसार रविवार दोपहर करीब 300 से 350 अतिक्रमणकारी सांईखेड़ा में जमा हो गए। नावरा, असीर, नेपानगर के वन स्टाफ से विवाद किया। अतिक्रमणकारियों के पास तीर कमान, कुल्हाड़ी, दराती, गोफन आदि थे। उन्होंने वनकर्मियों के साथ गाली-गलौच की। तब टीम कुछ ही लकड़ी वाहन में रखकर ला पाई। इसकी सूचना नावरा पुलिस चौकी को दी गई, लेकिन काफी समझाने के बाद उन्होंने पुलिस की बात भी नहीं मानी।गौरतलब है कि पिछले माह सीवल, बाकड़ी क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर दो तीन बार हमले भी हो चुके हैं। कई बार वनकर्मी अपनी जान बचाकर भी जंगल से भागे थे। अब भी अतिक्रमणकारी विभाग को लकड़ी जब्त नहीं करने दे रहे हैं। रेंजर ने बताया कि अब तक सुरक्षा श्रमिकों ने भी जंगल में जाने से मना कर दिया है। वन विभाग की टीम कम संख्या में होती है जबकि अतिक्रमणकारी काफी अधिक होते हैं।

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