ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

 शीतकालीन गद्दी ओंकारेश्वर मंदिर में विराजे बाबा केदारनाथ, छह माह यहीं पर होगी उपासना भक्ति 

फाटा। देव भूमि उत्तराखंड में आस्था के प्रतीक भगवान केदारनाथ विभिन्न पड़ावों पर भक्तों को दर्शन देने के बाद शनिवार को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो गए। शनिवार को बाबा केदार की उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंची, जहां मंदिर की एक परिक्रमा करने के बाद भोले बाबा की पंचमुखी भोगमूर्ति को गद्दीस्थल में विराजमान किया गया। अब शीतकाल के छह माह यहीं पर भोले बाबा की नित्य पूजाएं संपन्न की जाएंगी। वहीं, शुक्रवार को बाबा केदार की उत्सव डोली रामपुर से प्रस्थान कर अपने दूसरे पड़ाव विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची, जहां भक्तों ने फूल व अक्षतों से उत्सव डोली का भव्य स्वागत किया।
गुरुवार को द्वादश ज्योर्तिलिंग में शामिल भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के उपरांत भोले बाबा की उत्सव डोली रात्रि विश्राम के लिए रामपुर पहुंची थी। शुक्रवार को सुबह ठीक आठ बजे मुख्य पुजारी टी. गंगाधर लिंग ने भोले बाबा की पंचमुखी भोगमूर्ति की विशेष पूजा-अर्चना कर भोग लगाया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों, व्यवसायियों एवं श्रद्धालुओं ने बाबा की पंचमुखी डोली का फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया।
बड़ी संख्या में भक्तों ने भोले बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद भी लिया। बाबा की पंचमुखी चलविग्रह उत्सव डोली की अगुआई कर रही मराठा रेजीमेंट के बैंड की धुनों एवं भक्तों के जयकारों से क्षेत्र का वातावरण शिवमय हो गया। साढे 8 बजे भगवान की उत्सव डोली अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई। भगवान की उत्सव डोली के शेरसी, बडासू, तरसाली, जामू होते फाटा पहुंचने पर स्थानीय व्यापारी एवं भक्तों ने फूल व अक्षतों से डोली का भव्य स्वागत किया। फाटा में व्यापार संघ की ओर से डोली के संग में चल रहे भक्तों को जलपान की व्यवस्था की गई। फाटा में भी भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन कर अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। यहां पर कुछ देर विश्राम करने के बाद भगवान की उत्सव डोली खडिया, मैखंडा, व्यूंग, देवीधार, खुमेरा, नारायणकोटी, मस्ता एवं नाला होते हुए रात्रि विश्राम के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची। भक्तों ने भोले बाबा का फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया। श्रीकेदारधाम होटल एसोसिएशन की ओर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। केदारघाटी जनकल्याण समिति ने रात्रि जागरण कर भजन कीर्तन संध्या का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी, सचिव नितिन जमलोकी, डोली प्रभारी प्रदीप सेमवाल, भरत कुर्मांचली, राजकुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

Related Articles

Back to top button