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मुरैना अन्नदाता बेहाल, कृषि विभाग मस्त!
अन्नदाता बेहाल, कृषि विभाग मस्त! मुरैना में खाद के लिए लंबी कतारों में धक्के खा रहे किसान, जिम्मेदार अधिकारी कागजी दावों में मस्त मुरैना: जिले में कृषि विभाग के दावों और मैदानी हकीकत के बीच जमीन-आसमान का फर्क साफ देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां विभाग किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अन्नदाता सुबह से लेकर शाम तक गल्ला मंडी व अन्य वितरण केंद्रों पर लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि घंटों इंतजार के बाद भी किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उनमें कृषि विभाग और प्रशासन के प्रति తీవ్ర नाराजगी सुलग रही है। किसानों का कहना है कि सीजन पर हर बार यही ढर्रा रहता है—विभाग के अधिकारी दफ्तरों में बैठकर सब कुछ दुरुस्त होने का राग अलापते हैं, जबकि हकीकत में किसानों को एक-एक बोरी यूरिया और डीएपी के लिए भारी मारामारी झेलनी पड़ रही है। वितरण व्यवस्था में सुस्ती और लाचारी के चलते किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पर्याप्त खाद का वितरण सुचारु नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


