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मध्यप्रदेश

सिंधिया की सक्रियता के कारण ग्वालियर दक्षिण सीट पर सबकी नजरें, कांटे की टक्कर

ग्वालियर। अंचल की छह विधानसभा क्षेत्रों में से सबकी नजरें विशेष रूप से ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र पर टिकी हुई है। यह क्षेत्र चुनाव से पहले भी मचे घमासान के कारण सुर्खियों में था। अब इस सीट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की सक्रियता के कारण चर्चाओं में है। ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस व भाजपा ने अपने पुराने चेहरों को चुनावी रण में उतारा है। कांग्रेस ने सिटिंग एमलए प्रवीण पाठक और भाजपा ने इस विधानसभा क्षेत्र से नारायण सिंह कुशवाह को टिकट दिया है।

नारायण सिंह को चौथी बार टिकट मिला है। प्रवीण पाठक के राजनीतिक मंचों से खुली चुनौती देने के कारण सिंधिया भी कांग्रेस प्रत्याशी को जमीन दिखाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। कांग्रेस विधायक का कहना है कि उनके पीछे न तो महल और न कोई महाराज, उनका चुनाव तो उनके परिवार के लोग लड़ रहे हैं। जबकि भाजपा इस विधानसभा क्षेत्र को अपना गढ़ मानकर चुनाव लड़ रही है। क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में काफी कम मतों के अंतर से भाजपा से छीन गई थी।

121 वोटों से थी जीत-हार

2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने ग्वालियर दक्षिण सीट भाजपा से छीनने के लिए प्रवीण पाठक को टिकट देकर नया प्रयोग किया था। क्योंकि यह सीट पिछले 15 साल से भाजपा के कब्जे में थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में दक्षिण के समीकरण भाजपा के पक्ष नजर आ रहे थे। अप्रत्याशित रूप से प्रवीण पाठक भले ही कम अंतराल 121 मतों के अंतर से सही, लेकिन भाजपा से दक्षिण को छीनने में कामयाब हुए।

टिकट को लेकर मचा था घमासान

2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में टिकट को लेकर काफी घमासान मचा, लेकिन टिकट नारायण सिंह कुशवाह को मिला। इस सीट पर सबकी नजर होने का दूसरा कारण यह है कि क्या प्रवीण पाठक ने पिछले पांच साल में इस क्षेत्र में अपना जनाधार मजबूत कर पाए हैं कि नहीं। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से टिकट के दावे भले ही कई भाजपा नेताओं ने किये थे, लेकिन पांच वर्ष तक किसी नेता ने आपसी खीचतान के कारण इस क्षेत्र में किसी नेता सक्रियता नहीं दिखाई।

विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता

कोरोना काल में दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता नजर नहीं आए। जबकि प्रवीण पाठक प्रदेश में भाजपा सरकार होने के कारण दक्षिण में मंशा के अनुरूप विकास कार्य नहीं कर पाए हो, लेकिन क्षेत्र के लोगों के निरंतर संपर्क में रहे। चुनाव से पहले पूरे क्षेत्र की पदयात्रा कर लोगों के सुख-दुख में सहभागी रहे। दूसरा इस सीट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अन्य सीटों की अपेक्षा सक्रियता है। सिंधिया की पूरी टीम भी दक्षिण में पूरी ताकत से लगी है। कांग्रेस व भाजपा के जीत के दावे- ग्वालियर दक्षिण विधानसभा से कांग्रेस व भाजपा जीत के दावे कर रहे हैं। फैसला आज मतदाता करेगा कि यह सीट अब कांग्रेस के खाते में दर्ज हो गई है या फिर भाजपा की इजी सीटों में से एक है।

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