ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

मां-बेटी-बेटे पर एसिड अटैक, 5 दिन बाद भी दर्ज नहीं हुई FIR

बिहार: रोहतास के बिक्रमगंज में एक ही परिवार के 3 लोगों पर एसिड अटैक किया गया है। एसिड अटैक में मां, बेटी और बेटा बुरी तरह जल गए हैं। पूरा मामला जिले के बिक्रमगंज प्रखण्ड क्षेत्र के शिवपुर गांव का है। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस उन्हें धमकी दे रही है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें प्रेस को जानकारी देने पर फंसाने की धमकी भी दी है। वहीं घटना के पांच दिन बाद भी अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
घटना 29 सितंबर की रात 9 बजे की है। शिवपुर गांव में भुल्लु शाह के घर में घुस कर मां, बेटे और बेटी पर तेजाब फेंक दिया और इसके बाद आरोपी बाइक से भाग निकले। एसिड अटैक में भुल्लु की पत्नी कांति देवी 35 साल, बेटा रितेश कुमार 14 साल एवं बेटी नेहा 11 साल घायल हो गए। आनन-फानन में परिजन उन्हें अनुमण्डलीय अस्पताल बिक्रमगंज ले गए, जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक चिकित्सा के बाद रेफर कर दिया। अभी उनका इलाज एनएमसीएच में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार एसिड अटैक में मां और बेटी बुरी तरह जली हैं जबकि बेटा आंशिक रूप से जला है।
वही घटना के पांच दिन बाद भी बिक्रमगंज थाने प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। अनुमण्डलीय अस्पताल, बिक्रमगंज के प्रिसक्रिप्शन पर साफ-साफ एसिड अटैक लिखा हुआ है। इस संबंध में बिक्रमगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि 29 सितंबर की रात की घटना है। तीनों घायलों को अनुमण्डलीय अस्पताल से रेफर कर दिया गया था, पुलिस जब अस्पताल में पहुंची तो फर्द बयान नहीं हो सका।
यह पूछे जाने पर कि अब तक फर्द बयान क्यों नहीं हुआ, तो थानाध्यक्ष ने कहा कि यह जानकारी नहीं थी, कि उनका इलाज कहां चल रहा है। अब जानकारी हुई है तो फर्द बयान लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। वही इस बात से थानाध्यक्ष ने इंकार किया है कि पुलिस ने पीड़ित परिवार को कोई धमकी दी है।

Related Articles

Back to top button