ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

जबलपुर में नाम वापस लेने के लिए चार घंटे मची रही आपाधापी

जबलपुर । सुबह से ही कलेक्ट्रेट के रिर्टनिंग रूम में पाटी के कार्यकर्ताओं से लेकर समर्थकों का हुजूम रहा। हर किसी की नामांकन फार्म वापस लेने वालों पर नजर रही। गुरुवार को नाम वापस लेने के लिए महज चार घंटे का समय मिला। सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नाम वापस लेने के लिए चार घंटे आपाधापी मची रही। दरअसल 21 अक्टूबर से शुरू हुआ नामांकन पत्र दाखिल करने का क्रम 30 अक्टूबर को समाप्त हो गया। फार्म की छटनी के बाद अाज नामांकन फार्म वापस लेने का दिन था।

प्रारूप-5 में हस्ताक्षरित नोटिस रिटर्निंग अधिकारी को देना होगा

निर्वाचन आयोग के मुताबिक जो भी अभ्यर्थी अपनी उम्मीदवारी से नाम वापस लेना चाहा उसने प्रारूप-5 में हस्ताक्षरित नोटिस रिटर्निंग अधिकारी को दिया। अभ्यर्थी द्वारा यह नोटिस उम्मीदवारी की वापसी के लिए नियत अंतिम तारीख 2 नवम्बर को दोपहर 3 बजे तक हर हाल में रिटर्निंग अधिकारी को सौंपा। इस समय-सीमा के बाद नाम वापसी के प्राप्त नोटिस को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा मान्य नहीं रही।

जनेकृविवि पहुंचे प्रेक्षक, देखी थीं व्यवस्थाएं

विधानसभा निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिये भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य व पुलिस प्रेक्षक ने जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ जेएनकेव्हीव्ही में स्ट्रांग रूम, सामग्री वितरण व वापसी तथा मतगणना व्यवस्थाओं को देखा था। इस दौरान उन्होनें वाहन पार्किंग, बैरिकेटिंग, सुरक्षा व्यवस्था तथा पंडाल आदि व्यवस्थाओं को देखकर आवश्यक निर्देश दिये थे। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ कुमार सुमन ने उक्त सभी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी थी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह, जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह, नगर निगम कमिश्नर स्वप्निल वानखड़े, अपर कलेक्टर मिशा सिंह, शेरसिंह मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

श्रमिकों को मतदान के दिन अवकाश

विधानसभा निर्वाचन में 17 नवम्बर को मतदान के दिन श्रमिकों को सवैतनिक अवकाश मिलेगा। अधिनियम 1951 की धारा 135 के प्रवि‍धान अनुसार प्रदेश की समस्त विधानसभाओं के क्षेत्रों में आने वाले सभी कारोबार, व्यवसाय, उद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य स्थापना में नियोजित प्रत्येक श्रमिक को चाहे वह दैनिक मजदूर या आकस्मिक श्रेणी का ही हो उसे विधानसभा निर्वाचन 2023 में मतदान करने का अधिकार है।

Related Articles

Back to top button