ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

नवजात के हाथों व पांव में 6-6 अंगुलियां थीं, निर्दयी मां ने काट दी, कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा

खंडवा । नवजात बालिका की हाथ और पैरों की अंगुलियां काट कर उसे जान से मारने वाली मां को न्यायालय ने पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड दिया है।

एक हजार रुपये अर्थदंड भी

न्यायालय आशीष ददे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तहसील हरसूद ने निर्णय पारित करते हुए आरोपित 23 वर्षीय ताराबाई पत्नी रामदेव निवासी ग्राम सुंदरदेव को धारा 304 में पांच वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड दिया।वहीं धारा 201 तृतीय खंड भादंवि के आरोप में एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा पांच सौ रूपये अर्थदंड दिया है।अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक रविद्र पंवार द्वारा की गई।

इस प्रकार हुआ था घटना का खुलासा

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके ने बताया कि 29 दिसंबर 2018 को महिला बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक के रूप में पदस्थ अंजिला मीहे ने सूचना दी कि 22 दिसंबर 2018 को दोपहर 12 बजे आरोपित ताराबाई ने एक बालिका को जन्म दिया था।

मौत के बाद दफना दिया था

जन्म के समय बालिका के दोनों हाथों व पांव में छह-छह अंगुलियां थीं। इसे ताराबाई ने ब्लेड से काट दिया था।24 दिसंबर 2018 को शाम चार बजे नवजात बालिका की मृत्यु हो गई। इसे घर के आंगन (बाड़े) में दफन कर दिया।

मर्ग कायम कर जांच

उक्त सूचना के आधार पर मर्ग कायम कर जांच की गई। जांच के दौरान अंजिला मोठे, मनीषा शारदे, शारदा धुर्वे के कथन लेखबद्ध किए गए। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया। अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस पर सभी साक्ष्य आरोपित द्वारा किए गए कृत्य को उजागर कर रहे थे। न्यायालय ने आरोपित के विरुद्ध मंगलवार सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।

Related Articles

Back to top button