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मध्यप्रदेश

नेशनल नेबर डे पर महिलाएं बोलीं – पड़ोसी तनाव को कम, दोगुनी करते हैं खुशियां

जबलपुर। अरे बेटा राेशनी घर में चीनी खत्म हो गई है, जरा मेहता आंटी के घर से लेकर आ जाओ। मम्मी मैं नहीं जाऊंगी, आंटी क्या सोचेंगी। आंटी कुछ नहीं सोचेंगी, मैं उनको फोन कर देती हूं। आमतौर पर हर घर में पड़ोसी के घर में छोटी-छोटी जरुरत की वस्तुओं की डिमांड होती है। यह तो सिर्फ चीनी की बात, लेकिन चीनी से लेकर कोरोना काल में भी पड़ोसियों ने जो साथ दिया है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

लोग अपने तक ही सीमित होते जा रहे हैं

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने तक ही सीमित होते जा रहे हैं। जबकि पहले के जमाने में लोग आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखते थे। पड़ोसी से अच्छी जान-पहचान, नजदीकियां और बेहतरीन रिश्ते जिंदगी के तनाव को कुछ कम कर उनकी खुशियों को दोगुना कर सकते हैं। आज नेशनल नेबर डे पर हम ऐसे पड़ोसियों की बात कर रहे है, जिनके बीच खट्टी-मीठी नोंक-झोंक भी हो जाती है। लेकिन अपात की स्थिती में ये पड़ोसी ही काम आते है।

पड़ोसी ही पहला रिश्तेदार

मदन महल निवासी प्राची, ट्विंकल और सविता ने कहा कि पड़ोसी ही पहला रिश्तेदार है। हमारे साथ कई बार ऐसी परिस्थिती आई कि पड़ोसियों ने एक-दूसरे का साथ दिया है। रिश्तेदार तो बाद में आते हैं। पड़ोसी ही हमारे लिए सबकुछ है। कभी-कभी खट्टी-मीठी नोकझोंक हो भी जाए, तो आपस में मामला समझ लेते हैं। हम तीनों के परिवार कई वर्षों से पड़ोसी है। कोरोना काल में भी हमनें एक-दूसरे का साथ दिया। पड़ोसी ही एकमात्र ऐसे होते है, जिन्हें हमारी सारी बातों की खबर होती है। आज के समय में पड़ोसियों के मायने बदल गए हैं, लेकिन हमने तो बचपन में ही मोहल्ले में पड़ोसियों के बीच रहे हैं।

शाम की मीटिंग जरूरी है

सराफा निवासी रश्मि अग्रवाल ने कहा कि पड़ोसी के साथ हर रोज शाम को मीटिंग जरुरी है। अगर दिनभर में एक बार नहीं मिले, तो खाना नहीं पचता। पड़ोसी के बिना रहने की कल्पना भी नहीं कर सकते है। कई बार ऐसा समय आया है, कि पड़ोसियों ने ही साथ दिया है। आज भले ही पड़ोसी शब्द के मायने बदल गए हो, लेकिन पड़ोसी के बिना रहने की कल्पना नहीं कर सकते हैं। कालोनियों में घर में तो लोगों को ये तक नहीं जानकारी होती है, कि उनका पड़ोस में कौन रह रहा है। मेरी पड़ोसी अनामिका, नीता और रश्मि है। जो हमेशा ही एक दूसरे का साथ देती है।

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