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मध्यप्रदेश

भारी बारिश से सड़ गई सोयाबीन फसल, किसानों को 60 प्रतिशत तक नुकसान

बरवेट। पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के कारण खेतों में सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरा होने के कारण फसलें गलने से सोयाबीन की फसलों में सड़न आ गई है। कटाई के बाद निकलने वाले सोयाबीन दागी निकल रहे हैं। जिससे किसान चिंतित है। किसानों को उसके उचित दाम नही मिल पाएंगे। पकने के बाद बारिश से भीगी सोयाबीन भी दागी हो गई है। वहीं खेतों में सोयाबीन के पौधे भी अंकुरित भी हुए है। किसानों का कहना है कि 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।

इस वर्ष खरीफ की फसल प्रारंभ से ही प्राकृतिक मार से प्रभावित रही। प्रारंभ में सामान्य बारिश और बीच में खेंच के कारण फसलें प्रभावित हुई। इसके कारण भी किसान परेशान हुए और अब जैसे-तैसे फसल पककर तैयार हुई। तो वर्षा ऋतु ने जाते-जाते फसलों की सेहत बिगाड़ दी है।

60 प्रतिशत तक नुकसान

लगातार हुई तेज बारिश के कारण बरवेट सहित अन्य क्षेत्रों के खेतों में जल भराव हो गया। इसके कारण किसान खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। लगातार पानी भरा रहने से सोयाबीन की फसल सड़ने लगी है। कई खेतों में फसलें फिर अंकुरित हो रही हैं। बरवेट क्षेत्र के किसानों का कहना है कि बारिश से किसानों की मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं बारिश के कारण फसलों में 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। अब मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान ओर बढ़ जाएगा।

सोयाबीन की उपज दागी निकली

बरवेट के किसान मांगीलाल पाटीदार ने बताया कि लगातार हुई। बारिश के कारण खेतों में पानी भरा हुआ है। इसके कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन व अन्य फसलें सड़ने लगी हैं। कई खेतों में काटकर रखी गई फसलें फिर अंकुरित होने लगी हैं। वर्षा में भीग जाने के कारण सोयाबीन दागी हो गई है। इसके कारण मंडी में उपज का दाम भी कम मिलेगा। ऐसे में कैसे कर्ज उतारा जाएगा।

अंतिम बारिश से नुकसान

वहीं कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी तेजमल मेडा का कहना है कि पिछले दिनों हुई। बारिश से अर्ली वैरायटी सोयाबीन की फसल को 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। दाने दागी होंगे। जिससे फसल का उत्पादन प्रभावित होगा। बाकी लेट वैरायटी की फसलों में नुकसान नहीं है।

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