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मध्यप्रदेश

अतिवर्षा से 28 परिवार हुए बेघर, कई लोगों ने गंवाई जान

बालाघाट। पिछले सप्ताह दो दिनाें तक हुई अतिवर्षा से हुए नुकसान का आंकड़ा सामने आया है। बालाघाट में कुदरत के कहर में सबसे ज्यादा मकानों को क्षति पहुंची है। खासकर लालबर्रा विकासखंड में। ग्रामीण अंचलों में एक तरफ 28 परिवार बेघर हो गए, तो 401 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। तेज वर्षा से धान की फसल के डूबने तथा पानी के तेज बहाव से मिट्टी सहित उखड़ने वाली फसल का आंकड़ा अतिवर्षा के पांच दिन बाद भी सामने नहीं आ सका है। इसके पीछे बड़ी वजह है पटवारियों की हड़ताल।

प्रशासनिक अधिकारी दबी जुबान स्वीकार रहे हैं कि पटवारियों की हड़ताल से सर्वे कार्य में परेशान आ रही है। हालांकि, भू-अभिलेख विभाग तहसील स्तर से फसल नुकसान का आंकड़ा जुटा रहा है। विभाग का कहना है कि हाल ही में हुई अतिवर्षा से तीन से चार प्रकरण ही प्रकाश में आए हैं, जिसका सर्वे जारी है।

हड़ताल ने सर्वे कार्य पर डाला असर

अतिवर्षा या अन्य प्राकृतिक आपदा के चलते फसल अथवा मकान को हुए नुकसान का आंकड़ा तहसील स्तर पर तक भेजना पटवारियों के जिम्मे होता है। पटवारियों के पास फसल व मकान संबंधी जानकारी होती है। हालांकि, अभी प्रशासनिक स्तर पर ग्राम सचिव, सहायक सचिवों द्वारा मकान क्षति, जनहानि व पशुहानि की जानकारी जुटाई गई लेकिन फसल संबंधी नुकसान का आंकड़ा मिलने में पटवारियों की हड़ताल के चलते देरी हो रही है।

पशुहानि व जनहानि के मामले आए सामने

लालबर्रा में अतिवर्षा से सबसे ज्यादा नुकसान आफत बनकर दो दिनों तक हुई तेज वर्षा का सबसे ज्यादा असर जिले के लालबर्रा विकासंखड के गांवों में हुआ है। इसके अलावा वारासिवनी, परसवाड़ा, कटंगी, खैरलांजी में भी मकान, पशुहानि व जनहानि के मामले सामने आए हैं।

पशुहानि के मामले में सर्वाधिक नुकसान बालाघाट विकासखंड के किसानों व पशुपालकों को हुआ है। यहां 62 पालतू मवेशी (बकरी व मुर्गा-मुर्गी) की हानि हुई है। इसी तरह मकान क्षति के मामले में लालबर्रा विकासखंड में 226 मकानों का आंशिक तो पांच मकानों को पूर्ण क्षति पहुंची है।

भारी वर्षा की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

पिछले सप्ताह तेज वर्षा के बाद बीते तीन दिनों से जिले में मौसम खुला रहा, जिसके कारण तेज धूप और गर्मी रही। तापमान में बढ़ोत्तरी का प्रभाव सेहत पर भी देखने मिल रहा है, लेकिन बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चेतावनी ने एक फिर चिंता बढ़ा दी है। कृषि वैज्ञानिक धर्मेंद्र आगाशे ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से प्राप्त सूचना के अनुसार बालाघाट सहित सिवनी व मंडला में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान जिले में 45 से 80 मिमी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

अतिवर्षा से मकानों, पशुहानि व जनहानि के आंकड़े प्राप्त हुए हैं, जिस पर नियमानुसार क्षतिपूर्ति अथवा मुआवजा राशि दिलाई जाएगी। अभी फसल को कितना नुकसान हुआ है, इसका स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है। फसल नुकसानी के संभवत: तीन से चार प्रकरण हैं, जिसके लिए सर्वे जारी है।

कृष्णा नायक, सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख

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