ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

सड़कों पर बन रही हैं गणेशजी की झांकियां, अब पुलिस कह रही है कुछ जगह छोड़ देना

संत हिरदाराम नगर । संत हिरदाराम नगर में इस बार भी अधिकांश गणेशोत्सव समितियां सड़कों पर पंडाल तानकर झांकियां बना रही हैं। अब गणेशोत्सव में दो दिन ही शेष रह गए हैं ऐसे में पुलिस ने औपचारिकता पूरी करने के लिए गणशोत्सव समितियों की बैठक बुला ली। गणेश प्रतिमाओं की बिक्री भी शुरू हो गई है।

बैरागढ़ पुलिस ने शनिवार रात को शांति समिति की बैठक बुलाने की औपचारिकता पूरी की। बैठक में गणेशोत्सव समितियों से आग्रह किया गया कि सड़क पर झांकी न बनाएं। अधिकांश झांकियों के लिए पंडाल बन चुके हैं ऐसे में सड़कों पर आवाजाही में बाधा पैदा होना तय है। झांकी समितियों के पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि पुलिस को बैठक कम से कम 15 दिन पहले बुलानी थी। बड़ी झांकियां बनाने वाले समिति पदाधिकारियों को बैठक की सूचना ही नहीं मिली। सम्राट उत्सव समिति के अध्यक्ष भरत आसवानी एवं राजू वर्मा के अनुसार उन्हें बैठक की सूचना नहीं दी गई। थाना प्रभारी कंवलजीत रंधावा के अनुसार बैठक में त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की गई।

सड़कें रहेंगी जाम, आवाजाही प्रभावित

बैरागढ़ की कई सड़कें अगले 12 दिन जाम रहेंगी। पुराना बी वार्ड, सिंधु समाज स्कूल रोड, एच वार्ड, ए वार्ड, सीआरपी एवं पास के इलाकों में अनेक गणेशोत्सव समितियों ने सड़क पर झांकी बनाना शुरू कर दी है। 10 दिनी गणेशोत्सव के दौरान सड़कों पर ही धार्मिक आयोजन होंगे। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी होना तय है। पुलिस यदि बैठक कुछ दिन पहले बुलाती तो नागरिकों की संभावित परेशानी समाप्त हो सकती थी। यहां पर दुर्गोत्सव के दौरान भी सड़कों पर ही झांकियां बना दी जाती हैं। पुलिस प्रशासन से इसे रोकने का कभी गंभीरता से प्रयास नहीं किए।

Related Articles

Back to top button