ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
धार्मिक

आर्थिक तंगी दूर करना है तो जरूर धारण करें कछुए की अंगूठी, जानें क्या है नियम

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, हमारे जीवन में होने वाली सभी घटनाएं सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के कारण घटित होती है। ऐसे में नकारात्मक ऊर्जा के निराकरण के लिए भी वास्तु शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। वास्तु एक्सपर्ट चैतन्य मलतारे के मुताबिक, यदि आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो कछुए की आकृति वाली अंगूठी पहनना फायदेमंद हो सकता है।

देवी लक्ष्मी की कृपा

वास्तु के मुताबिक, कछुए की अंगूठी पहनना बेहद शुभ होता है। कछुए की अंगूठी धारण करने से माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है। यदि आप किसी कारण से कर्ज के बोझ से परेशान हैं तो कछुए वाली अंगूठी जरूर धारण करें।

कछुए की अंगूठी धारण करने के नियम

कछुए की अंगूठी को धारण करने से पहले उसकी शुद्धि जरूर करना चाहिए। अंगूठी को दूध और गंगाजल में कुछ घंटों के लिए डुबोकर रखना चाहिए। अंगूठी को धारण करने से पहले माता लक्ष्मी के चरणों में चढ़ाएं। कछुए वाली अंगूठी को गुरुवार या शुक्रवार के दिन ही धारण करना चाहिए। वहीं इस हाथ की तर्जनी या मध्यमा उंगली में रही पहनना चाहिए।

गुरुवार के दिन करें धारण

गुरुवार के दिन कछुए वाली अंगूठी को धारण करना शुभ माना जाता है। यदि आप अंगूठी को 24 घंटे के लिए दूध या गंगाजल में रखना चाहते हैं तो शुक्रवार को लक्ष्मी माता की पूजा करने के बाद धारण कर सकते हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button