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धार्मिक

19 सितंबर को विराजेंगे भगवान गणेश, मूर्ति लेते समय रखें ये सावधानी

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय माना जाता है। इस साल गणेश उत्सव 19 सितंबर से शुरू हो रहा है और इसके लिए सभी तैयारियां शुरू हो चुकी है। पौराणिक मान्यता है कि भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था। 10 दिन चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा घर या मोहल्ले में स्थापित की जाती है। पंडित आशीष शर्मा के मुताबिक, यदि आप भी गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर रहे हैं, तो प्रतिमा लाते समय ये सावधानी रखना चाहिए।

वाममुखी गणेश प्रतिमा लाएं

भगवान गणेश की प्रतिमा लाते समय इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी की मूर्ति में सूंड हमेशा बाईं ओर होनी चाहिए। बाईं ओर सूंड वाली मूर्ति को वाममुखी गणपति कहते हैं। बाईं ओर सूंड वाले गणेश जी की प्रतिमा घर में रखना शुभ होता है।

गणेश जी की बैठी हुई प्रतिमा

घर में हमेशा गणेश जी की बैठी हुई प्रतिमा ही रखना चाहिए। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, भगवान गणेश बुद्धि और धन के देवता माने जाते हैं। घर में बैठी हुई गणेश प्रतिमा स्थापित करने से परिवार में सद्बुद्धि आने के साथ देवी लक्ष्मी की भी कृपा बनी रहती है।

गणेश प्रतिमा के साथ मूषक जरूर हो

भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ मूषक जरूर होना चाहिए। हिंदू धर्म में मूषक को भगवान गणेश का वाहन बताया गया है। बिना मूषक की गणेश मूर्ति की पूजा करना ठीक नहीं माना जाता है। गणपति बप्पा की स्थापना घर के ईशान कोण में करना चाहिए। मूर्ति का मुख उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

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