ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
महाराष्ट्र

केंद्र चीनी निर्यात पर लगा सकता है प्रतिबंध

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि प्याज निर्यात पर बढ़ाया गया शुल्क हटाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार चीनी निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा सकती है।पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री पवार गुरुवार को पुणे जिले की पुरंदर तहसील में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्याज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

शरद पवार ने कहा कि देश से प्याज बड़ी संख्या में निर्यात किया जाता है। सरकार ने निर्यात पर 40 फीसदी शुल्क लगा दिया है। इसका नासिक के किसान विरोध कर रहे हैं।वे अपनी प्याज की उपज के लिए उचित मूल्य की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्याज उत्पादकों की लागत को ध्यान में रखते हुए उन्हें उचित मूल्य दे।

उन्होंने कहा कि उचित मूल्य मांगना किसानों का अधिकार है, लेकिन सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी हालत में निर्यात पर 40 प्रतिशत शुल्क हटाया जाना चाहिए। पवार ने यह भी दावा किया कि केंद्र चीनी निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।बता दें, ब्राजील दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक है, उसके बाद भारत है।

पिछले साल ब्राजील में सूखा पड़ा था, जिसके कारण उनका चीनी उत्पादन कम हो गया था। वहीं, भारत में महाराष्ट्र दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है।नेता ने कहा कि हमारे देश में गन्ना उत्पादकों के लिए स्थिति अनुकूल थी और उन्होंने चीनी निर्यात करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब केंद्र सरकार चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की सोच रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो कोई भी राज्य सरकार गन्ने की बेहतर कीमत नहीं दे पाएगी।

Related Articles

Back to top button