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मध्यप्रदेश

वर्दी पहनकर जेल पहुंचा मासूम बेटा पिता से बोला- पुलिस बनूंगा, अब नहीं करना ऐसा काम

दमोह। रक्षाबंधन पर्व पर जिला जेल में एक मासूम बच्चा पुलिस की वर्दी में अपने पिता से मिलने पहुंचा। जहां उसने बताया कि वह पिता से कहेगा कि अब ऐसा काम मत करना कि जेल आना पड़े बुरे काम करने वाले ही जेल आते हैं। उसे भी पुलिस में जाना है इसलिए वह पुलिस की वर्दी पहनकर आया है।

रक्षाबंधन के पर्व पर बुधवार को जिला जेल में बड़ी संख्या में बहने अपने भाइयों से आंखों में आंसू लेकर मिलने के लिए पहुंची थी। इन्हीं महिलाओं के बीच एक 8 वर्षीय मासूम भी हाथों में मिठाई, शरीर पर वर्दी और आंखों में आंसू लिए अपने पिता से मिलने जेल पहुंचा।

पिता गांजा रखने के मामले में कई दिनों से जेल में बंद हैं

दमोह के एक गांव निवासी 8 वर्षीय मासूम ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर अपनी मां, मौसी और बुआ के साथ पिता से मिलने जेल आया है वह गांजा रखने के मामले में कई दिनों से जेल में बंद हैं। पुलिस की वर्दी पहन कर आए मासूम से जब पूछा कि उसने पुलिस की वर्दी क्यों पहनी है तो मासूम ने जवाब दिया कि उसे आगे चलकर पुलिस में जाना है। इसलिए वह पिता को यह बताने आया है कि आगे से दोबारा कोई काम ऐसा मत करना की जेल आना पड़े और रक्षाबंधन पर्व पर इस तरह से उसकी मां और बुआ पिता से मिलने जेल पहुंचे।

बोला-गलत काम करने वालों को जेल ही जाना पड़ता है

मासूम ने बड़ी अच्छी बात कही कि गलत काम का नतीजा करने वालों को जेल ही जाना पड़ता है इसलिए वह अपने पिता को यह बात बताने भी आया है कि उसे आगे चलकर एक अच्छा आदमी बनना है। रक्षाबंधन पर्व के चलते बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही थी और उनसे यह वचन ले रही थी कि आगे से किसी भी गलत राह पर मत चलना कि उन्हें इस तरह से जेल में अपने भाई को राखी बांधना पड़े।

सुबह 9 बजे से दोपहर तीन तक भाइयों से मिलने का समय निर्धारित था

जेलर सीएल प्रजापति ने बताया कि सुबह 9 बजे से दोपहर तीन बजे तक बहनों को अपने भाइयों से मिलने का समय निर्धारित किया गया है। 30 और 31 अगस्त दोनों दिन बहने अपने भाइयों को राखी बांध सकेगी इसके लिए सभी व्यवस्थाएं कर दी गई है । बहनों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो इस प्रकार के निर्देश भी कर्मचारियों को दिए गए हैं। साथ ही जेल प्रशासन के द्वारा जो नियम बनाए गए हैं उस नियम का पालन करते हुए ही बहनों को अपने भाइयों से मिलने और राखी बांधने दिया जा रहा है।

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