ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

एक साल पहले हड़पे थे डेढ़ करोड़ रुपये अब वापस करने के मांगे दो लाख

भोपाल। भेल भोपाल के पूर्व एजीएम को सेवानिवृत्ति के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाकर डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपितों की साइबर क्राइम पुलिस ने पहचान कर ली है। आरोपित दिल्ली से इस फर्जीवाड़े को संचालित कर रहे हैं। उन्होंने एशियन जाब नाम की मिलती-जुलती एक वेबसाइट बनाकर उनके साथ कई लोगों को फंसाया है।

इसका पता पुलिस को तब चला, जब पीड़ित पूर्व एजीएम को करीब एक साल बाद फिर से आरोपित ने फोन कर डेढ़ करोड़ रुपये वापस करने के नाम पर दो लाख रुपये मांगे। इस पर वे तुरंत साइबर क्राइम पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत की। अब पुलिस आरोपितों को गिरफ्तारी की तैयारी में जुट गई है।

बता दें कि मूलत: कोलकाता पश्चिम बंगाल के रहने वाले 65 वर्षीय अभिजीत सिन्हा भेल कारखाने से एजीएम के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह भोपाल में मिनाल रेसिडेंसी में रहते हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद अपने लिए नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसके लिए वह अलग-अलग वेबसाइट पर अपना बायोडाटा अपलोड करते रहते थे। 29 अक्टूबर 2022 को जब वह अपने मिनाल रेसिडेंसी वाले मकान पर थे, तब उनके पास एक फोन आया।

फोन करने वाले ने उनसे नौकरी से संबंधित बात की और चर्चा के बाद उन्होंने काफी के कारोबार से जुड़ी एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी का प्रस्ताव दिया। इस पर वह उनसे अलग-अलग प्रोसेसिंग के नाम पर रुपये मांगने लगा। उसके झांसे में आकर उन्होंने कई किस्तों में जून 2022 तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये उसे दे दिए।

ठगी का अहसास होने पर उन्होंने इस मामले की शिकायत कोलकाता में की थी। वहां से केस डायरी अयोध्या नगर थाने पहुंची थी और जीरो पर एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू हुई थी। अब मामले की जांच साइबर क्राइम ने संभाल ली है। डीसीपी साइबर क्राइम श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि आरोपितों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा

Related Articles

Back to top button