ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

भाजपा ने मध्य से ध्रुवनारायण सिंह और उत्तर से आलोक शर्मा पर दांव खेला

भोपाल। भाजपा ने आगामी विधान सभा चुनाव के ल‍िए कमर कस ली है। पार्टी ने सुनियोजित रणनीति के तहत उम्मीदवार की पहली सूची गुरुवार को घोषित कर दी। इसमें भोपाल जिले की दो सीटों को शामिल किया गया। भोपाल मध्‍य से पूर्व व‍िधायक ध्रुवनारायण सिंह और भोपाल उत्‍तर से पूर्व महापौर आलोक शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है।यहां वर्तमान में कांग्रेस के विधायक हैं।

भोपाल मध्‍य सीट 2008 में परिसीमन के बाद अतिस्‍व में आई थी। ध्रुवनारायण सिंह ने यह चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। उन्‍होंने कांग्रेस के नासिर इस्‍लाम को पराज‍ित क‍िया था। 2013 में व‍िवादों में घिरने के कारण पार्टी ने उनका टिकट काटकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी सुरेंद्रनाथ सिंह को मैदान में उतारा था। उन्‍होंने आरिफ मसूद को पराज‍ित क‍िया था। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने आरिफ मसूद पर फिर भरोसा जताया। वहीं, भाजपा ने सुरेंद्रनाथ सिंह को ही फिर से मैदान में उतारा। मसूद ने पिछली हार का बदला लेते हुए सिंह को हारकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। ध्रवनारायण स‍िंह काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त है।

उधर, भोपाल उत्‍तर को कांग्रेस के वर‍िष्‍ठ नेता आरिफ अकील का गढ़ माना जाता है। भाजपा ने यहां पर पूर्व महापौर आलोक शर्मा पर व‍िश्‍वास जताते हुए उन्‍हें फिर मैदान में उतारा है। इससे पहले भी आलोक शर्मा का आरिफ अकील से सामना हो चुका है और उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था। शर्मा ने भोपाल का महापौर रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है और पार्टी में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भरोसेमंद माना जाता है। वर्तमान विधायक आरिफ अकील का इन दिनों स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा नहीं है। इस कारण कांग्रेस यहां से कोई नए चेहरे को उतारने का मन बना रही है। इसे अवसर के तौर पर लेते हुए पार्टी ने आलोक शर्मा पर दांव लगाया है।

Related Articles

Back to top button