ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

पीएम मोदी 12 अगस्त को MP के सागर आएंगे संत रविदास मंदिर का करेंगे का भूमिपूजन

सागर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 अगस्त को सागर आएंगे। इस दौरान वे यहां सौ करोड़ रुपये से निर्मित होने वाले संत रविदास मंदिर का भूमिपूजन करने के साथ ही जनसमूह को संबोधित करेंगे। उनके आगमन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

सोमवार को जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों से चर्चा कर कार्यक्रम की समीक्षा करेंगे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का दोपहर 12:30 बजे बड़तूमा हेलीपेड पर आगमन होगा। दोपहर 1:45 बजे प्रधानमंत्री का उद्बोधन शुरू होगा। पीएम मोदी करीब एक घंटा 15 मिनट तक सागर में रहेंगे।

हालांकि, उनके इस कार्यक्रम में फेरबदल भी हो सकता है। पीएम के आगमन के चलते यहां चार हेलीपेड बनाए गए हैं, जहां कई केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री भी सागर पहुंचेंगे।

53 हजार गांवों की मिट्टी, 350 नदियों का जल लाया जाएगा

इधर, प्रभारी मंत्री भदौरिया ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बड़तूमा में यह संत रविदास महाराज का मंदिर ही नहीं बन रहा है, बल्कि यह मप्र के ह्दयस्थल सागर में जनचेतना, आध्यात्मिकता का केंद्र बनेगा। यह उनके साहित्य का केंद्र बिंदु होगा। प्रदेश में पांच यात्राएं चल रही हैं, जिसमें चरण पादुका व कलश शामिल हैं। उन्होंने बताया सरदार वल्लभ भाई की प्रतिमा में जिस तरह हर गांव से लोहा आया था, वैसे ही 53 हजार गांव से मिट्टी व 350 नदियों का जल भी यहां लाया जाएगा।

Related Articles

Back to top button