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मध्यप्रदेश

कर्मचारियों के नियम विरुद्ध संविलियन पर एक सीएमओ व दो उपयंत्री बर्खास्त तीन करोड़ 20 लाख रुपये की होगी वसूली

भोपाल। शहडोल और अनूपपुर की नई नगर परिषदों में कर्मचारियों का नियम विरुद्ध संविलियन करने के मामले में तीन अधिकारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इनमें तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास चंद्र मिश्रा, तत्कालीन उप यंत्री संदीप सिंह उरैती एवं अजीत रावत शामिल हैं।

तीनों पर तीन संविदाकर्मियों और 246 मानदेयकर्मियों का बिना नियम संविलियन करने का आरोप है। इनके कृत्य से सरकार को हुए आर्थिक नुकसान की वसूली भी इनसे की जाएगी। मिश्रा और उरैती से दो करोड़ 55 लाख और रावत से 65 लाख रुपये वसूले जाएंगे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया है कि अनूपपुर जिले की नवगठित परिषद डोला, डूमरकछार, वनगवां और शहडोल जिले की नगर परिषद बकहो में कर्मचारियों के नियम विरुद्ध संविलियन की विभागीय जांच के बाद इन्हें बर्खास्त किया गया है। किसी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शहडोल में पदस्थ तत्कालीन सीएमओ जयदीप दीपांकर और तत्कालीन कार्यपालन यंत्री राकेश तिवारी के विरुद्ध भी विभागीय जांच के बाद दीर्घ-शास्ति का निर्णय लिया गया है। इनका प्रकरण परामर्श के लिए राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इसी मामले में तत्कालीन संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास संभाग शहडोल मकबूल खान को विभागीय जांच के बाद 30 दिसंबर 2022 को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। साथ ही इन निकायों को हुई आर्थिक क्षति की कुल 3 करोड़ 20 लाख में से अनुपातिक राशि भी उनसे वसूली के निर्देश दिए गए थे।

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