ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मुख्य समाचार

शिक्षा विभाग में प्रत्येक विकास खण्ड के लिए अलग-अलग होते हैं नियम।

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की जी हां मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में कर्मचारियों का शोषण दिन - प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और अधिकारी इन सब बातों से अनभिज्ञ हैं ये स्थिति है मुरैना जिले की। अभी हाल ही में एक क्रमोन्नति का मामला सामने आया है जिसमें 2006-07 में नियुक्त शिक्षकों की क्रमोन्नति का आदेश 2019-20 में हुआ और ये आदेश जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से उन शिक्षकों के हुए जिन्होंने अपनी सेवा काल के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं और उसके बाद उन शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ भी मिलने लगा था ऐसा पूरे मुरैना जिले में हुआ लेकिन अचानक मई2023 के वेतन भुगतान के समय मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में शिक्षा अधिकारी बिना किसी संगठन एवं बिना किसी संबंधित कर्मचारियों को सूचना दिए कुछ चुनिंदा लोगों की क्रमोन्नति हटाकर वेतन भुगतान कर देते हैं और उसी अपने ही ब्लांक में अपने ही चहेतों को क्रमोन्नति सहित वेतन भुगतान कर देते हैं जब इस संबंध में शिक्षा अधिकारी जी से जानकारी चाही कि किस आदेश के क्रम में ये निर्णय लिया गया है तो शिक्षा अधिकारी द्वारा 08/03/2021के आदेश का हवाला दिया गया और जब पूछा गया कि विकास खण्ड में विसंगति क्यों तो उन्होंने कह दिया कि यह बात मेरे संज्ञान में नहीं है अब ये तो जांच का बिषय है कि पूरे जिले में क्रमोन्नति नहीं हटी तो केवल सबलगढ़ में कुछ ही लोगों को इसके लिए क्यों टारगेट किया गया कि उनकी क्रमोन्नति हटाकर उन्हें वेतन भुगतान किया क्या मार्च 2021 के आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ और जब हुआ तो बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी के पुनः पृष्ठांकन किए जिले की एक ही तहसील में कुछ ही लोगों को चिन्हित कर ऐसी कार्रवाई क्यों की गई इसे सबलगढ़ बीईओ की मनमानी कहें या फिर संबंधित प्राचार्यों की लापरवाही या फिर कहें पद का दुरुपयोग जिसके कारण राजनीतिक पंहुच रखने वाले शिक्षक सबलगढ़ ब्लाक के साथ साथ पूरे जिले में आज भी क्रमोन्नति का लाभ प्राप्त कर रहे हैं और गरीब राजनीतिक पंहुच न रखने वाले शिक्षकों को क्रमोन्नति हटाकर लाभ से वंचित कर दिया है अब देखना है कि विभागीय जिम्मेदार अधिकारी अब इस संबंध में दोषियों पर क्या कार्रवाई करेंगे या फिर सीधे साधे शिक्षक शोषण का शिकार होते रहेंगे

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button