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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में इस कारण हो रही है गरज-चमक के साथ बारिश जानिये सोमवार का हाल

भोपाल। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। साथ ही हवा का रुख पश्चिमी बना हुआ है। अरब सागर से नमी मिलने के कारण प्रदेश में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं वर्षा हो रही है।

बादल छा जाने के कारण अधिकतम तापमान में भी विशेष बढ़ोतरी नहीं हो रही है। उधर रविवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उमरिया में नौ, नौगांव में सात मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 42.3 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया में दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के बाद उत्तराखंड पर मौजूद है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ और उससे लगे तेलंगाना पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है।

अफगानिस्तान के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि इन चार मौसम प्रणालियों के अलावा वर्तमान में हवा का रुख पश्चिमी बना हुआ है। इस वजह से अरब सागर से नमी मिल रही है।

नमी आने से प्रदेश में अधिकतर जिलों में बादल बने हुए हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ वर्षा भी हो रही है। सोमवार को भी दोपहर के बाद भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, उज्जैन, इंदौर, सागर, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना है।

उधर सोमवार को अरब सागर में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बनने जा रहा है। सात जून को इस मौसम प्रणाली के कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इसके असर से दक्षिण-पश्चिमी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होंगी।

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