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मध्यप्रदेश

जल्द शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठीं चयनित महिला अभ्यर्थी

भोपाल । सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने की आस में चार साल से पात्र अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) के बाहर पिछले कई दिनों से चयनित शिक्षक धरना दे रहे हैं। सोमवार से चयनित महिला शिक्षक भीषण गर्मी में डीपीआइ के बाहर भूख हड़ताल पर बैठी हैं।ये सभी चयनित शिक्षक कई विषयों में पदवृद्धि के साथ शिक्षकों के स्‍थायी पदों पर जल्‍द नियुक्‍ति की मांग कर रही हैं।

ये हैं मांगें

चयनित महिला शिक्षकों का कहना है कि लाडली बहनों के लिए शासन की ओर से योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन हम लोगों की तरफ ध्यान ही नहीं है। चयनित महिला अभ्‍यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती-2018 की प्रक्रिया को पदवृद्धि, तृतीय काउंसलिंग के साथ पूर्ण किया जाए। इनकी प्रमुख मांग है कि 2018 शिक्षक भर्ती उच्च माध्यमिक और माध्यमिक के विषय मातृभाषा हिंदी और संस्कृत में 500-500 पदों की वृद्धि कर नियोजन प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उच्च माध्यमिक शिक्षक 2018 के प्रथम काउंसलिंग ईडब्ल्यूएस वर्ग के 1039 पदों पर नियोजन प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। वर्ग 1 और वर्ग-2 के गणित विषय के साथ अन्य विषयों की अतिरिक्त सूची क्लियर करते हुए उच्च माध्यमिक और माध्यमिक के सभी विषयों में पद वृद्धि कर तृतीय राउंड काउंसलिंग की जाए।

उनका कहना है कि पहले दिन से शासन व प्रशासन की तरफ से किसी का ध्यान नहीं है।एक तरफ शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने का दम भरा जा रहा है।, वहीं दूसरी तरफ शिक्षित पात्र अभ्यर्थी रोजगार के लिए भूख हड़ताल करने पर मजबूर है। ऐसी दोगली-दोहरी राजनीति है जिसका खामियाजा केवल और केवल आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

इससे पहले इन महिलाओं ने तथा समस्त पात्र अभ्यर्थियों की मांग पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधानसभाध्यक्ष गिरीश गौतम, सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया, कर्मचारी कल्याण आयोग के अध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा रमेश चंद्र शर्मा, वरिष्ठ विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया, विश्वजीत सिंह सिसौदिया, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्यमंत्री मीना सिंह, डॉ राघवेंद्र शर्मा प्रदेश कार्यालय मंत्री बीज भारतीय जनता पार्टी, दिनेश राय मुनमुन विधायक सिवनी, आशीष गोविंद शर्मा विधायक खातेगांव, गोपीलाल जाटव विधायक गुना, आदि कई बार नोट शीट जारी कर चुके हैं। बावजूद इसके आज तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई।

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