ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

20 दिन में 37 सड़क हादसों में 22 की मौत

 भिंड । मौ के पास शनिवार को एक टैंकर ने तीन बाइक सवारों को कुचल दिया था। ऐसा नहीं है कि इस तरह की घटना केवल यहां हुई हो। बल्कि जिले में नेशनल और स्टेट हाइवे मौत के हाइवे बन गए हैं। हालत यह है, कि पिछले 20 दिन में 37 सड़क हादसों में 22 लोगों की मौत हो गई है। यानी हर दिए एक इंसान की जान गई है। सर्वाधिक हादसे ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे 719 पर होते हैं। इसके बाद मुरैना-समथर नेशनल हाइवे 554 के अलावा भिंड-गोपालपुरा और पोरसा-सेंवढ़ा स्टेट हाइवे पर होते हैं। 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक कुल 223 सड़क हादसे हुए हैं। इसमें 74 लोगों की मौत हुई है। जबकि 274 लोग घायल हुए हैं।

यहां बता दें, कि ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे 719 वर्तमान में दो लेन हैं। हाइवे पर वाहनों का दबाव भी अधिक रहता है। बरही टोल के मुताबिक एक दिन में 2500 से अधिक वाहनों का निकलना होता है। बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इस हाइवे को फोरलेन बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। हालांकि हाइवे को फोरलेन बनाने के लिए पिछले दिनों ग्वालियर आए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी घोषणा कर चुके हैं।

अप्रैल में जितनी मौत हुई, उतनी 20 दिनों में हो गईं

जिले में सड़क हादसों में हुई वृद्धि को ऐसे समझा जा सकता है कि इस साल अप्रैल के महीने के 30 दिनों में हुए सड़क हादसों में जितनी कुल मौत हुई हैं, उतनी मई के 20 दिनों में हो चुकी है। अप्रैल महीने में 59 सड़क दुर्घटनाओं में 22 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 46 लोग घायल हुए थे, इनमें पांच गंभीर रुप से घायल हो गए थे। वहीं मई महीने के 20 दिनों में 37 सड़क हादसों में 22 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 26 ही घायल हुए हैं।

2022 में 197 की मौत, इनमें 64 बाइक सवार थे

जिले में हर साल सड़क हादसों में 150 से 200 लोगों की जान जाती है। जबकि 700 से 950 लोग घायल होते हैं। यदि वर्ष 2022 के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पूरे वर्षभर में 716 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 197 लोगों की मौत हो गई। जबकि 803 लोग घायल हो गए, जिसमें 80 गंभीर रुप से घायल हुए। यहां बता दें कि मरने वालों सर्वाधिक 64 लोग बाइक पर ही सवार थे। इसी प्रकार से घायलों में भी 218 लोग बाइक पर थे।

यह हैं सड़क हादसे बढ़ने के कारण

सहालग

इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। इसलिए सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। इस कारण भी सड़क हादसों में इजाफा हो गया है।

मौसम

गर्मी के मौसम में लोग दिन के समय सड़क पर कम निकलते हैं। जबकि रात में सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ जाता है। अंधेरे के कारण हादसे हो रहे हैं।

ओवर स्पीड

सड़क हादसे बढ़ने के पीछे एक प्रमुख कारण ओवर स्पीड़ भी सामने आया है। जल्दबाजी के चलते लोग वाहनों को स्पीड़ में दौड़ा रहे हैं।

यह हादसे हैं प्रमुख

– 20 मई को ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे बहुआ मोड़ केेंटर की टक्कर से तीन बाइक सवार की मौत हो गई।

– 11 मई की रात मुरैना-समथर नेशनल हाइवे 552 स्थित नरीपुरा मोड़ पर अज्ञात वाहन की टक्कर से तीन बाइक सवारों की मौत हो गई।

– 09 मई को रौन बायपास पर ट्राला ने दो बाइक को टक्कर मारी थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।

2023 में हुए सड़क हादसे

माह – हादसा – मृतक – घायल

जनवरी – 61 – 21 – 92

फरवरी – 55 – 18 – 81

मार्च – 48 – 13 – 50

अप्रैल – 59 – 22 – 51

पिछले पांच साल में यह हुए हादसे

वर्ष – हादसा – मृतक – घायल

2022 – 712 – 197 – 801

2021 – 644 – 208 – 668

2020 – 654 – 159 – 707

2019 – 698 – 171 – 724

2018 – 726 – 197 – 795

सहालग का सीजन होने की वजह से सड़क हादसे बढ़ गए हैं। लोग यातायात नियमों को अनदेखा करते हैं। साथ ही ओवर स्पीड भी हादसे की एक बड़ी वजह बन रही है। सड़क पर चलते समय रफ्तार पर काबू रखें।

रंजीत सिंह, ट्रैफिक प्रभारी भिंड

Related Articles

Back to top button