ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मुख्य समाचार

कर्नाटक विधान-सभा चुनाव परिणाम का राजनैतिक विश्लेषण और भविष्य के चुनावी चौसर पर पक्ष विपक्ष दोनों को अग्रिम राय। दिल, दिमाग, आँखे खोल रणनीति बदल मोर तोर छोड़ जो काम करेगा वो जनता पर राज करेगा ।

(दिनेश सिंह सिकरवार) कर्नाटक चुनाव पर मेरा राजनैतिक विश्लेषण- काँग्रेस ने कर्नाटक विधान-सभा चुनाव में प्रदेश के क्षेत्रीय नेताओं की मेहनत व एकजुटता के दम पर विजय हासिल की भा. ज. पा. की हार मुख्य कारणों में पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार भी मददगार रहे। उन्होंने चुनाव पूर्व भारतीय जनता पार्टी को छोड़ काँग्रेस का दामन थामन लिया था। हालाँकि वह अपने चेले से बुरी तरह हार गए हैं मुस्लिम वोटों का कांग्रेस के पक्ष में एक पक्षीय रूप से ध्रुवीकरण होना भी एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। हालाँक उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्य नाथ ने उत्तर प्रदेश के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को जबरदस्त फतह दिला कर गुटीय एवं हिन्दुओं में भी जातिगत बँटवारा करने वाले नेताओं तथा अहंकारी शीर्ष नेतृत्व व राजनैतिक रणनीतिकारों की आँखे खोल कर रख दी हैं। उन्होंने हिन्दुओं में भी जातिगत समीकरण साधने सँवारने के खुल कर संकेत दिए हैं। इसलिए अब चिंतन व आत्मावलोकन करने की इन रणनीतिकारों को निकाय चुनावों के माध्यम से साफतौर पर राह सुझाई है। अन्यथा चुनावी डगर मुश्किल ही नहीं बहुत कठिन होगी जिसमें अगर मगर की कोई गुंजाइश ही नहीं रहेगी। भारतीय जनता पार्टी तथा प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी एवं भा. ज. पा. के चाणक्य देश के गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा के तिलिस्म को टूटने में जरा भी देर नहीं लगेगी क्योंकि ये भारत है भारत यहाँ की जनता दिमाग से नहीं दिल से ज्यादा सोचती है। जो उबरने में कम डूबने और डुबोने में ज्यादा भरोसा करती है चाहे उसे भुगतना कुछ भी पड़े। वैसे हर जगह भारतीय जनता पार्टी के सत्ता संगठन में जातिगत समीकरण गंभीर रूप से गड़बडा़ए हुए हैं। शीघ्र ही मेरे अगले अंक में इस बारे में विस्तृत विवरण दिया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button