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मुरैना अटल प्रोग्रेस वे को पुराने सर्वे से बनाने के लिए किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपा ज्ञापन ‌।

मुरैना। चम्बल घाटी किसान एकता संघर्ष समिति के तत्वाधान में पिछले 2 माह से सबलगढ़, जौरा, मुरैना, अम्बाह, पोरसा एवं भिण्ड के एक सैकड़ा गांव में बैठको क्रा आयोजन किया गया । जिसमें आम जनता ने एक स्वर से अटल प्रोग्रेस वे का विरोध किया गया है जो वर्तमान सर्वे किया जा रहा है। उसमें जिन किसानों की बेसकीमती उपजाऊ जमीन जा रही है। इससे किसानों में आक्रोश है बता दें कि जानते है कि चम्बल में कृषि भूमि का उपजाऊ रकवा प्रति किसान पर 1 या डेढ़ एकड ही है। जो कि अटल प्रोग्रेस वे की चपेट में आ रहा है। इस स्थिति में चम्बल के अधिकांश किसान भूमि हीन हो जायेगें। इसके अलावा भी दिनांक 02.03.2023 के गजट के अनुसार अटल प्रोग्रेस वे के दोनो तरफ एक किलोमीटर जमीन और लिये जाने का फैसला किया गया है। भौगोलिक स्थिति देखे तो जिले की चौड़ाई उत्तर से दक्षिण की ओर कम हैं और लम्बाई पूर्व से पश्चिम की तरफ अधिक है। इसमें उत्तर की तरफ चम्बल के बेहड़ है दूसरी तरफ दक्षिण में क्वारी नदी और आसन नदी के बेहड़ है. पूर्व से ही जमीन का कटाव हो चुका है। इससे शेष उपजाऊ जमीन कम रह गई है। जिससे हजारों किसान भूमिहीन हो जायेगें। और किसान बेरोजगार हो जायेगें । अतः मुरैना जिले की 87 पंचायतें और श्योपुर की 48 पंचायतें एवं भिण्ड की 25 पंचायत बुरी तरफ से प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में चम्बल घाटी का विकास नहीं बल्कि विनाश हो रहा है। इस परियोजना पर भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार पुनः विचार कर पुराने चम्बल के किनारे सर्वे पर ही उपरोक्त परियोजना का निर्माण करे केंद्रीय मंत्री को गजराज सिंह सिकरवार पूर्व विधायक , अशोक तिवारी पूर्व नपाध्यक्ष कैलारस

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