ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
दिल्ली NCR

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने पेशी के लिए CBI से मांगा समय, जल्द दी जाएगी नई तारीख

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया आज केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की पूछताछ की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे। मनीष सिसोदिया के द्वारा सीबीआई को पत्र लिख दिल्ली के बजट कार्यक्रम के मद्देनजर कुछ दिनों की मोहलत मांगी। मनीष सिसोदिया के द्वारा सीबीआई को बताया गया कि कुछ दिनों के बाद की तारीख दी जाए, उसके बाद वो खुद पूछताछ की प्रक्रिया में हिस्सा ले लेंगे। जिसके बाद सीबीआई की तरफ से बयान जारी कर बताया गया कि दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया आज सीबीआई मुख्यालय में जांच में शामिल नहीं हो रहे हैं। सीबीआई जल्द ही नई तारीख जारी करेगी।

ईडी भी कर रही मामले की जांच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धनशोधन मामले में पांच लोगों के अलावा सात कंपनियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र जनवरी में दाखिल किया था। ईडी की ओर से दायर दूसरे आरोपपत्र में भी उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम शामिल नहीं है। मामले में दर्ज प्राथमिकी में सिसोदिया का नाम है।

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल की अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में विजय नायर, शरत रेड्डी, बिनय बाबू, अभिषेक बोनपल्ली व अमित अरोड़ा को आरोपी बनाया गया है।इस मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी आरोपी हैं। ईडी अभी तक इस मामले में सिसोदिया के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है, लेकिन कहा है कि मामले की जांच अभी भी जारी है। आबकारी नीति में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाए जाने के बाद इस नीति को रद्द कर दिया गया था।

इस मामले में ईडी ने दूसरा आरोपपत्र दाखिल किया है, जो धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पहला आरोपपत्र पिछले साल नवंबर में दाखिल किया गया था। अब तक गिरफ्तार लोगों सहित कुल 12 को इस आरोपपत्र में नामजद किया गया है। धनशोधन का यह मामला सीबीआई की एक प्राथमिकी पर आधारित है।

 

Related Articles

Back to top button