ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

 स्मार्ट सिटी का सपना अधूरा

भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने की पहल जब से शुरू हुई है, तब से ये बस सपना ही रह गया है। आखिर कब राजधानी पूरी तरह से स्मार्ट होगी। भोपाल अभी तक झुग्गी-झोपडिय़ों से मुक्त नहीं हो पाया है। रिपोट्र्स के मुताबिक सबसे ज्यादा झुग्गी वाले टॉप-10 शहरों में भोपाल का नाम भी शामिल है। स्लम फ्री सिटी करने के पीछे सरकार करोड़ों रूपए खर्च कर चुकी है बावजूद इसके बस्तियों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ी है।

सबसे ज्यादा झुग्गी वाले टॉप टेन शहरों में भोपाल
दरअसल राजधानी में झुग्गी-बस्तियों का जाल फैला हुआ है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि स्लम फ्री सिटी बनाने का सपना आखिर कब पूरा होगा। शहर स्मार्ट सिटी कैसे बनेंगे जब हर कोशिश फेल हो रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज़्यादा झुग्गी वाले टॉप टेन शहरों में भोपाल का नाम भी शामिल है। सरकार झुग्गियों को हटाने के लिए लगभग 1400 करोड़ खर्च कर चुकी है, लेकिन इसके बाद भी बस्तियां 3 से बढ़कर 72 हो गई है।

सरकारें झुग्गी मुक्त कराने में रही नाकाम
प्रदेश में भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की। कोई भी सरकार राजधानी भोपाल को झुग्गी से मुक्त नहीं करा पाई है। वर्तमान में पीएम आवास योजना के तहत घर बनाने की कवायद की जा रही है। इधर घर और फ्लैट देने का अभियान धीमा हुआ और वहां झुग्गी बनाने की रफ़्तार बढ़ती चली गई। वहीं सरहदी इलाकों में सबसे जयादा झुग्गियां बस गई है। सरकारी भूमि पर भी तेजी से कब्जों की संख्या बढ़ रही है।

 

Related Articles

Back to top button