ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

जया किशोरी बोलीं, लड़का सुधरा हो तो ही विवाह करें, बेटी का जीवन न बिगाड़ें

 नागदा ।   जब कोई माता-पिता अपने बेटा-बेटी का विवाह करते हैं तो वह देखते हैं कि उनकी पुत्री समझदार हो गई है तो उसका विवाह कर देना चाहिए। जब उनका ही कोई पुत्र अपने मार्ग से भटक गया हो या गैर जिम्मेदार हो तो वही माता-पिता की सोच होती है कि इसका विवाह करवा देना चाहिए। यह बात हिंदू सनातन जागृति मंच के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन जया किशोरी ने कही। उन्होंने कथा में श्रीकृष्ण जन्म के पश्चात, बाल लीला व प्रसंगों की कथा के बाद कंस वध एवं रासलीला, गोपी लीला, उद्धव संवाद एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का वृत्तांत सुनाया।

विवाह हमेशा सोच-समझकर करना चाहिए

जया किशोरी ने बताया कि अगर लड़का नहीं सुधरा तो आप कन्या का भी जीवन खराब कर देंगे। जब तक युवक एवं युवती दोनों ही समझदार नहीं हो तो उन्हें परस्पर विवाह नहीं करना चाहिए, क्योंकि विवाह एक दिन का बंधन नहीं, अपितु जीवन के 30 से 40 वर्ष किसी व्यक्ति विशेष के साथ निर्वाह करना है। इसलिए विवाह हमेशा सोच समझकर ही करना चाहिए। अगर आपका जीवनसाथी समझदार होगा तो आप कभी अकेला महसूस नहीं करोगे। कथा के अंत में महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button