ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
दिल्ली NCR

कुछ पार्टियां बाल विवाह के नाम पर साम्प्रदायिकता फैलाने की कोशिश कर रही हैं : एनसीपीसीआर चीफ

नई दिल्ली| असम में बाल विवाह के खिलाफ हिमंता बिस्वा सरमा सरकार कड़ा रुख अपना रही है। बाल विवाह को लेकर यहां बवाल मचा हुआ है। वहीं इससे जुड़े मामलों में पुलिस का एक्शन भी जारी है। इसको लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने असम सरकार के कदम को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां बयानबाजी कर बाल विवाह के नाम पर साम्प्रदायिकता फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा कि असम सरकार की ये पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि हम अन्य राज्यों से भी इसी तरह के कदम उठाने की उम्मीद करते हैं।

उन्होंने कहा कि जो एक स्थानीय पार्टी राज्य द्वारा कानून नहीं बनाने के बारे में बात कर रही है, वो मूर्खतापूर्ण बात है और ऐसे लोगों को राजनीति में रहने की जरूरत नहीं है। बाल विवाह रोकथाम अधिनियम और पोक्सो जैसे केंद्रीय कानून सभी जगह लागू होते हैं और उसी अनुरूप कार्यवाही की जा रही है।

प्रियंक कानूनगो ने ओवैसी को भी नसीहत देते हुए कहा कि बच्चों के मामले में नेताओं और राजनीतिक दलों को संवेदनशील होना चाहिए। नाबालिग बच्चियों का शोषण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीपीसीआर और सरकार के पास बच्चों के पुनर्वास को लेकर रोडमैप है। मुझे समझ नहीं आता कि लोग कितने बेहूदे राजनीतिक बयान देते हैं।

गौरतलब है कि असम में बाल विवाह के आरोप में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि अब तक पूरे प्रदेश में बाल विवाह से संबंधित 4,074 केस दर्ज किए गए, जबकि 8,134 लोगों की पहचान की गई है। उन्होंने ये भी कहा कि बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और लगभग 3,500 लोगों को गिरफ्तार करना होगा।

Related Articles

Back to top button