ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मुख्य समाचार

जौरा सुदामा चरित्र की कथा में भजनों पर झूमे श्रद्धालु

(संवाददाता जौरा )पूज्य महाराज श्री ने भजन के माध्यम से सुदामा की गरीबी का हाल बताया, देखो देखो गरीबी ये ग़रीबी का हाल,कृष्ण के दर पे विश्वास ले के आया हूं कथा में महाराज जी ने बताया की भीम के जरासंध से लगभग एक माह तक चले युद्ध में भीम ने जितनी बार उसके दो टुकड़े किए वह फिर से जुड़ जाता इस पर श्रीकृष्ण ने घास की एक डंडी की सहायता से भीम को संकेत किया की इस बार वह उसके टुकड़े कर के दोनों टुकड़े अलग-अलग दिशा में फेंके। तब भीम ने वैसा ही किया और इस प्रकार जरासंध का वध हुआ। ग्राम शेखपुर में रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को कथा व्यास शत्रुघन बालोठीया ने जरासंध वध, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा स्थल पर महिला श्रद्धालुओं ने गीत गाकर उत्सव मनाया। कृष्ण और सुदामा के जीवन का वर्णन करते हुए आचार्य कथा व्यास ने बताया कि सुदामा जी भगवान श्री कृष्ण के परम मित्र थे।श्री कृष्ण से उनकी मित्रता ऋषि संदीपनी के गुरुकुल में शिक्षार्जन के समय हुई। सुदामा जी अपना व अपने परिवार पत्नी तथा बच्चे का भरण पोषण ब्राह्मण रीति के अनुसार भिक्षा मांग कर करते थे सुदामा इतने में ही संतुष्ट रहकर हरि भजन करते रहते थे। एक दिन वह अपनी पत्नी के कहने पर सहायता के लिए द्वारकाधीश श्री कृष्ण के पास गए। उनकी दशा देखकर तीनों लोकों के स्वामी के आंखों से आंसू आ गए। उन्होंने अपने मित्र सुदामा की सेवा करके उन्हें वहां से विदा कर दिया। जब सुदामा जी अपने नगर पहुंचे तो उन्होंने पाया की उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी के स्थान पर सुन्दर महल बना हुआ है। सुदामा चरित्र की कथा के दौरान जब भजन देखो देखो ये गरीबी ये ग़रीबी का हाल,कृष्ण के दर पे विश्वास लेके आया हूं, मेरे बचपन का यार है मेरा श्याम यही सोच कर मैं आस करके आया हूं। अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो दर पे सुदामा गरीब आ गया है,भटकते भटकते ना जानें कहा से तुम्हारे महल के करीब आ गया है। आकर्षक झांकी के साथ मंचन हुआ तो पंडाल मौजूद लोग झूमकर नाचने लगे।वहीं कथा व्यास ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा को भी विस्तार से सुनाया। कथा समापन पर मुख्य यजमान से व्यास पीठ की आरती उतारकर प्रसाद वितरण किया। कथा श्रवण के दौरान परीक्षित कलावती टीकाराम शर्मा,एल एन त्यागी डा हरिओम शर्मा डा भुवनेश शर्मा समेत सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button