ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश

जबलपुर से आज दोपहर में गुजरेगी काशी-तमिल समागम की पहली ट्रेन

जबलपुर: काशी-तमिल संगमम कार्यक्रमों की श्रंखला में रामेश्वरम से चलकर– बनारस की ओर जाने वाली ट्रेन न. 22535 में यात्रा करने वाले दक्षिण भारतीय यात्री प्रतिनिधियों का पहला जत्था आज जबलपुर स्टेशन पर पहुंचेगा। जहां पर काशी तमिल संगमम प्रतिनिधियों का स्वागत सत्कार जबलपुर स्टेशन पर किया जायेगा।काशी- तमिल संगमम कार्यक्रमों की निरंतर श्रंखला में दक्षिण भारत से काशी के लिए 13 ट्रेन सेवाएं चलाई जा रही हैं। जिसमे संगमम के तहत रामेश्वरम, तिरुचिरापल्ली, कोयम्बटूर, चेन्नई से यात्रीगण अपनी यात्रा शुरू करेंगे। पहली ट्रेन मंडल के जबलपुर स्टेशन पर आज दोपहर 15.35 बजे, कटनी स्टेशन पर शाम 16.55 बजे एवं सतना स्टेशन पर शाम 18.20 बजे होते हुए बनारस पहुंचेगी।काशी तमिल संगम 2022 ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव‘‘ के हिस्से के रूप में भारत सरकार की एक पहल है। यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ की भावना का उत्सव होगा और तमिल भाषा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का भी उत्सव मनाया जा रहा है। जिसका एक नज़ारा शहर के स्टेशन पर भी देखने को मिलेगा।काशी और तमिलनाडु के बीच ज्ञान के सदियों पुराने बंधन और प्राचीन सभ्यतागत जुड़ाव को फिर से खोजने के लिए वाराणसी में 16 दिसंबर तक महीने भर चलने वाला ‘काशी तमिल संगमम‘ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । इन ट्रेन सेवाओं में तमिलनाडु के कुल 2592 प्रतिनिधि शामिल होंगे जिसके प्रत्येक रेक में 216 यात्री होंगे तथा यह ट्रेन मार्ग में 21 स्टेशनों पर रुकेंगी।इस यात्रा का उद्देश आईआईटी चेन्नई और बीएचयू के कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, भारतीय संस्कृति की दो प्राचीन अभिव्यक्तियों के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों/विद्वानों के बीच अकादमिक आदान-प्रदान-सेमिनार, चर्चा आदि दोनों के बीच संबंधों और साझा मूल्यों को सामने लाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button