ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देश

सुरक्षित एवं समावेशित शिक्षा निर्माण मे संस्था प्रधानों की दोहरी भूमिका- प्रजापत

जोधपुर, लोहावट उपखंड स्थित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में सुरक्षित एवं समावेशी विद्यालय निर्माण तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न। ब्लॉक के सभी संस्था प्रधानों की तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में बुधवार को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश विश्नोई ने संबोधित करते हुए कहा कि समग्र शिक्षा द्वारा सुरक्षित वातावरण जैसे संवेदनशील विषय पर जो यह मॉड्यूल तैयार किया गया है इसके तहत जिस प्रकार व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु शिक्षा आवश्यक है उसी प्रकार शिक्षा प्राप्त करने हेतु सुरक्षित परिवेश आवश्यक है। आर पी भारूराम चौहान ने कहा कि विद्यालय वह स्थान है जहां के भौतिक, सामाजिक, शैक्षणिक, भावनात्मक एवं सकारात्मक बातों का प्रभाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है। केआरपी के रूप में बिड़दाराम विश्नोई ने बाल सरंक्षण अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की, धर्मपाल प्रजापत ने साइबर सुरक्षा व किशोरी मेले पर वार्ता दी, ओमप्रकाश सियाग ने प्रशिक्षित करते हुए कहा कि विद्यालय से जुड़े समस्त धारक भी विद्यालयों में विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के उन्नयन में विशेष भूमिका रखते हैं। वहीं मांगीलाल प्रजापत नें प्रशिक्षण के दौरान लैंगिक समता एवं समानता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि लैंगिक असमानता को विद्यालय स्तर पर एवं समाज में समाप्त करने में संस्था प्रधान दोहरी भूमिका का निर्वहन करते हुए सुरक्षित वातावरण निर्मित कर विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर करेंगे। कार्यशाला समापन समारोह में संस्था प्रधान सविता सबल ने अपने अनुभव साझा किए वही संस्था प्रधान महेश कुमार मेघवाल ने जेंडर संवेदनशीलता से जुड़ी रचना प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर किया। प्रधानाध्यापक राधेश्याम पालीवाल ने बड़े ही प्रभावी एवं रोचक तरीके से रचना प्रस्तुत कर सभी को बताया कि किस तरह बच्चों को विद्यालय में एक भयमुक्त वातावरण प्रदान कर उनको सिखाया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button