ब्रेकिंग
जनपद कार्यालय बना अखाड़ा! सीईओ ने तीन जनपद सदस्यों पर धमकी और अभद्रता का कराया मामला दर्ज दिल्ली के होटल में भीषण आग, 21 मौतों की खबर से हड़कंप प्यासी मुरैना और पानी में मस्ती! समर वेव वॉटर पार्क पर उठने लगे सवाल मुरैना सगाई पक्की होते ही दूल्हे पर हमला लड़की देखकर लौट रहे युवक को घेरकर बदमाशों ने पीटा, चेन-अंगू... बामौर थाना : तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बुजुर्ग को मारी टक्कर दिमनी थाना : जहरीला पदार्थ खाने से वृद्ध की मौत, जांच शुरू पोरसा थाना : कट्टा लेकर घूम रहे युवक को पुलिस ने दबोचा सगाई की खुशियों के बीच करोड़ों की चोरी से सनसनी बीजेपी नेता के भाई के घर दिनदहाड़े वारदात सरकारी जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत, दो महिलाएं घायल मुरैना: सबलगढ़ के गुरैमा गांव में भीषण आग, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा हादसा
धार्मिक

मरने के बाद कहां जाता है इंसान

सभी धर्मों में पुनर्जन्म की बात कही गयी है, यानी एक शरीर को छोड़ने के बाद इंसान दूसरे शरीर में प्रवेश करता है। लेकिन मृत्यु के बाद से पुनर्जन्म लेने तक जीव कहां रहती है यह एक बड़ा सवाल है। भगवान श्री कृष्ण ने भी गीता में कहा है कि आत्मा न तो जन्म लेती है और न मरती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जीव के मरने के बाद आत्मा कहां जाती है। इसका उत्तर आप जरूर जानना चाहते होंगे। 18 पुराणों में से गरूड़ पुराण ही एक ऐसा पुराण है जिसमें इस प्रश्न का उत्तर दिया गया है। इस पुराण में कहा गया है कि मृत्यु के बाद जीवात्मा को शरीर से निकाल कर ले जाने के लिए दो यमदूत आते हैं। जो व्यक्ति अपने जीवन काल में अच्छे कर्म करते हैं उनकी आत्मा शरीर से आसानी से निकल जाती है। जिनका अपने शरीर से मोह नहीं जाता है और जीवन काल में अच्छे कर्म नहीं करते हैं उन्हें यमदूत जबरदस्ती खींच कर अपने साथ ले जाते हैं। शरीर से निकलने के बाद आत्मा अंगूठे के आकार का बन जाता है।
यह दिखने में उसी प्रकार का होता है जैसा मृत व्यक्ति दिखने में होता है। इस आत्मा को लेकर यमदूत यमराज के पास जाते हैं। यहां उसे 24 घंटे रखा जाता है और जीवन काल में उसके द्वारा किये गये अच्छे बुरे कर्मों को दिखाया जाता है। इसके बाद आत्मा को पुन: उसी स्थान पर लाकर रख दिया जाता है जहां से यमदूत उसे लेकर जाते हैं। 13 दिनों तक इस स्थान पर रहकर आत्मा अपने शरीर का अंतिम संस्कार देखता है। इसके बाद यमदूत उसे अपने साथ लेकर पुन: यमलोक की ओर चलते हैं। इस रास्ते में आत्मा को यम की भयानक नगरी के दर्शन कराये जाते हैं। इस रास्ते में आत्मा को कई प्रकार की भयानक यतानाएं सहनी पड़ती है। एक साल तक इस रास्ते में चलते हुए जीवात्मा यमलोक पहुंचती है। यहां यमराज व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार नर्क, स्वर्ग अथवा दूसरी योनियों भेजते हैं। यहीं पर तय होता है कि व्यक्ति को दूसरा जन्म कब मिलेगा। जो लोग धर्मात्मा होते हैं उन्हें यमलोक की यात्रा नहीं करनी पड़ती है। ऐसे लोगों के लिए विमान आता है जिसमें बैठकर आत्मा विष्णु लोक चली जाती है। जिन्हें विष्णु लोक में स्थान मिल जाता है उन्हें पुन: जन्म नहीं लेना पड़ता है।

Related Articles

Back to top button